दौसा जिले के लालसोठ में एक महिला डाॅक्टर की सुसाइड मामले से राजस्थान की राजनीति गर्मा गई है। सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट कर घटना पर गहरा दुख जताया है। सीएम गहलोत ने ट्वीट कर लिखा- दौस में डाॅ. अर्चना शर्मा की आत्महत्या की घटना बेहद दुखद है। हम सभा डाॅक्टरों को भगवान का दर्जा देते हैं। हक डाॅक्टर मरीज की जान बचाने के लिए अपना पूरा प्रयास करता है। परंतु कोई भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना होते ही डाॅक्टर पर आरोप लगाना न्यायोचित नहीं होगा। स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा के विधानसभा क्षेत्र का मामला होने के कारण भाजपा कांग्रेस सरकार पर हमलावर हो गई है। भाजपा नेता राजेंद्र सिंह राठौड़ ने पुलिस अधिकारियों पर तुरंत कार्यवाही की मांग की है। स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल ने कहा कि पुलिस की लापरवाही से महिला डाॅक्टर की जान गई है।

डाॅक्टरों की हड़ताल से मरीज परेशान 

घटना के विरोध में आज राजस्थान के सभी प्राइवेट हाॅस्पिटलों की ओपीडी बंद रही। डाॅक्टर हड़ताल पर उतर आए है। जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डाॅक्टरों की एसोसिएशन पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने की मांग कर रही है। डाक्टरों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए पुलिस ने डाॅक्टर के खिलाफ धारा 302 का केस दर्ज किया। यह सरासर लापरवाही है। उल्लेखनीय है कि दौसा जिले के लालसोठ में एक  प्रसूता की डिलीवरी करने के दौरान मौत हो गई। इस पर पुलिस ने महिला डाॅक्टर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिए। केस दर्ज करने से आहत डाॅक्टर ने सुसाइड नोट लिखकर फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। सुसाइड नोट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी ने महिला डाॅक्टर की आत्महत्या के मामले में सीएम गहलोत पर निशाना साधा है। उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में ही डाॅक्टर सुरक्षित नहीं है। राज्य में कानून का राज नहीं है। पुलिस का राज चल रहा है।

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