यूपी विधानसभा चुनाव में इस बार भी भाषा की मर्यादा बार-बार टूट रही है। नेताओं-दलों के जुबानी तीरों के चलते माहौल में कई बार कड़वाहट छा गई। इस बीच सिद्धार्थनगर की डुमरियागंज सीट से भाजपा विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह एक विवादित बयान भी काफी चर्चा में रहा। इस बयान में राघवेंद्र प्रताप कहते नजर आए थे कि जो हिन्‍दू उन्हें छोड़कर किसी और को वोट देगा वो उसका डीएनए टेस्ट करवाएंगे कि उसमें हिन्‍दू का ही खून है या फिर मुसलमानों का भी खून है। इस बयान को लेकर चुनाव आयोग ने अब सख्‍ती दिखाई है। आयोग ने 24 घंटे तक राघवेंद्र प्रताप के प्रचार करने पर रोक लगा दी है। यह रोक आज सुबह छह बजे से कल सुबह छह बजे तक के लिए लगाई गई है।

 

गौरतलब है कि राघवेंद्र प्रताप सिंह हिन्‍दू युवा वाहिनी के प्रदेश प्रभारी भी हैं। पिछले दिनों प्रचार के दौरान का उनका एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह कहते सुने गए कि जो हिन्‍दू उन्हें छोड़कर किसी और को वोट देगा वो उनका डीएनए टेस्ट करवाएंगे कि उनमें हिन्‍दू का ही खून है या फिर मुसलमानों का भी खून है। बीजेपी विधायक का इससे पहले भी एक विवादित बयान वायरल हुआ था। इस बयान को लेकर विपक्षी पार्टियों के कई नेताओं ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने राघवेंद्र प्रताप के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की मांग की थी। अब चुनाव आयोग की ओर से सचिव आलोक कुमार ने राघवेंद्र को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। चुनाव आयोग के अनुसार राघवेंद्र प्रताप पर सोमवार सुबह छह बजे से मंगलवार सुबह छह बजे तक के लिए प्रचार करने पर रोक रहेगी। जिला निर्वाचन अधिकारी और सिद्धार्थनगर के डीएम दीपक मीणा ने भी इसकी पुष्टि की है।

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