भारत-न्यूजीलैंड के बीच टी-20 सीरीज का पहला मैच जयपुर में आज शाम 7 बजे से शुरू होगा। सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेले जाने वाले इस मैच में दोनों ही टीमों की नजर सबसे पहले टॉस जीतने पर रहेगी। एक्सपर्ट के मुताबिक जयपुर में सर्दी और ह्यूमिडिटी लेवल बढ़ने के कारण मैदान पर ओस रह सकती है, जिसका फायदा बाद में बैटिंग करने वाली टीम को मिलेगा।

जयपुर में आज न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला गया। ह्यूमिडिटी लेवल 50 पर आ गया। ह्यूमिडिटी लेवल बढ़ने के कारण शाम होते ही मैदान में हल्की ओस देखने को मिल सकती है। दुबई में हुए वर्ल्डकप जैसी स्थिति यहां देखने को कम ही मिलेगी, जहां गेंदबाज ओस के कारण थोड़े परेशान दिखे थे। दुबई, अबूधाबी, शारजहां में सूरज ढलने के साथ ही ह्यूमिडिटी का लेवल तेजी से बढ़ रहा था। इसके कारण मैदान और पिच दोनों जगह ओस बढ़ जाती थी, लेकिन राजस्थान में खिलाड़ियों को ऐसी परेशानी नहीं होगी।

तीन फास्ट बॉलर्स के साथ मैदान में उतर सकती है भारतीय टीम
आज के मैच में भारतीय टीम 2 स्पिनर और 3 फास्ट बॉलर्स के साथ मैदान में उतर सकती है। टीम की कोशिश ये रहेगी कि टॉस जीते तो पहले गेंदबाजी करें, ताकि सूखी पिच पर शुरुआती ओवरों में कुछ फायदा उठाया जा सके, क्योंकि बाद में जैसे-जैसे मैदान पर ओस बढ़ती जाएगी, गीली बॉल से स्पिनर्स को गेंदबाजी करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। संभावना है कि भारतीय टीम युजवेन्द्र चहल और आर. अश्विन को मैदान में उतारेगी। वहीं, फास्ट बॉलर में टीम इंडिया मोहम्मद सिराज और भुवनेश्वर में से किसी एक को उतार सकती है।

वर्ल्डकप में स्पिनर ज्यादा सफल नहीं रहे
टी-20 वर्ल्डकप के मैचों की बात की जाए तो अधिकांश मैच वही टीम जीती है, जिसने मैच में पहले गेंदबाजी की। इसका मुख्य कारण मैदान और पिच दोनों जगह ओस है। पिच और मैदान पर ओस पड़ने के कारण स्पिनर और फास्ट बॉलर के लिए बॉल पर ग्रिप करना मुश्किल होता है। इसके अलावा मैदान पर ओस होने के कारण फील्डिंग करने में भी थोड़ी समस्या आती है। यही कारण रहा कि अधिकांश मैच में जिस टीम ने भी टॉस जीता है, उसने मैच में पहले बॉलिंग ही की है।

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