राज्य के किसी भी सरकारी या गैर सरकारी स्कूल में कोरोना पॉजिटिव मिलता है तो उस स्कूल की छुट्टी नहीं होगी, बल्कि उस क्लास रूम को ही एक महीने के लिए बंद कर दिया जाएगा। स्कूल नियमित रूप से चलती रहेगी। वहीं सोमवार से राज्य के सभी स्कूल सौ प्रतिशत क्षमता के साथ खुल सकेंगे। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशक कानाराम ने SOP जारी की है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक कानाराम ने बताया कि प्री प्राइमरी से क्लास बारह तक के सभी स्टूडेंट्स को अब स्कूल जाना होगा। अगर कोई स्टूडेंट या स्टाफ सदस्य कोरोना पॉजिटिव आता है या उसमें कोई लक्षण मिलते हैं तो उस क्लास रूम को बंद कर दिया जाएगा, जिसमें वो बैठता है। स्टूडेंट में कोरोना के लक्षण होने पर उसे हॉस्पिटल पहुंचाने की जिम्मेदारी स्कूल की होगी। उसके लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था करनी होगी ।

नई व्यवस्था में अब स्कूल में प्रार्थना सभा फिर से हो सकेगी। पिछले डेढ़ साल से जब भी स्कूल ओपन हुए हैं, तब से प्रार्थना पर पूरी तरह रोक रही है। ऐसे में क्लास में ही प्रार्थना की व्यवस्था स्कूल स्तर पर लागू हो गई। अब स्कूल मैदान में प्रार्थना हो सकेगी। हालांकि इसके लिए भी सोशल डिस्टेंसिंग रखनी होगी। स्टूडेंट्स को दूरी बनाकर ही प्रार्थना करनी होगी। स्कूल में गेम्स एक्टिविटी करने की स्वीकृति दी गई है। हालांकि इससे पहले स्वयं विभाग प्रदेश में स्कूली गेम्स आयोजित कर रहा है ।

बंद रहेगी कैंटीन

जिन स्कूल में कैंटीन संचालित हो रही है, वो फिलहाल बंद ही रहेगी। शिक्षा निदेशालय ने साफ तौर पर कहा है कि कैंटीन अभी शुरू नहीं हो सकेंगे। इसी तरह जिन स्कूल में मिड डे मिल तैयार होता है, वहां भी अभी रोक रहेगी। मिड डे मिल के लिए अलग से निर्देश जा जाएंगे।

स्कूल बस से बाध्यता हटी पूर्व में शिक्षा विभाग ने स्कूल बस या ऑटो में क्षमता से आधे स्टूडेंट्स ही बैठाने के आदेश दिए थे, लेकिन अब जितनी सीट उपलब्ध है, उतने स्टूडेंट्स बैठा सकते हैं। इसके लिए बस को नियमित रूप से सैनेटाइज करना होगा और चालक को वैक्सीन की दोनों डोज लगी होनी चाहिए।

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