बीते कुछ महीनों से लगातार सरकार केंद्रीय कर्मचारियों के हित में अलग अलग कदम उठा रही है. सरकार की ओर हर संभव कोशिश की जा रही है कि सभी कर्मचारियों को ज़्यादा से ज़्यादा सुविधाएं और नियमों से होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके. ऐसी ही एक खबर फिर से सामने आई है जिसका सीधा ताल्लुक है केन्द्रीय कर्मचारियों की पेंशन (Pension) से. दरअसल, इस बार केंद्र सरकार (Central government) ने कर्मचारियों के परिवारों को ध्यान में रखते हुए पेंशन नियमों (Pension rules) में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किये हैं. जिसके तहत सरकारी कर्मचारी के परिवार को आखिरी भुगतान (Last payment) के 50 फीसदी पेंशन का अधिकार प्राप्त करने के लिए 7 साल की न्यूनतम सेवा की आवश्यक शर्त को खत्म कर दिय गया है. यानी कि अगर किसी सरकारी कर्मचारी की 7 साल की सेवा पूरी होने से पहले ही मौत हो जाती है तब भी उस कर्मचारी का परिवार उसके आखिरी भुगतान के 50 फीसदी राशि पेंशन को लेने का अधिकारी होगा. 

आसान शब्दों में कहें तो सरकारी कर्मचारी की मौत के बाद मिलने वाली पेंशन (Pension) को लेकर जो ऑब्लिगेशन था वो अब हटा दिया गया है. सरकार के ऐसा करने के पीछे ये कारण माना जा रहा है कि इस नियम के चलते ऐसे कई कर्मचारी हैं जिनके परिवार  50 फीसदी पेंशन (50% pension) की सुविधा का लाभ लेने से रह जाते थे. लेकिन अब इस कदम से कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके परिवार को थोड़ी राहत मिलेगी. 

बता दें कि, बीते दिनों सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के हित को देखते हुए उनके डीए (DA) यानी महंगाई भत्ता में बढ़ोतरी की थी. इसके अलावा, कर्मचारियों के एचआरए (HRA) यानी हाउस रेंट अलाउंस (House rent allowance) में भी इजाफा किया गया था. यही नहीं, डीआर (DR) यानी महंगाई राहत को भी बढ़ाते हुए सरकार ने कर्मचारियों को लाभ पहुँचाया. सरकार द्वारा लिए गए इन सभी निर्णयों को देखते हुए ऐसा माना जा रहा है कि HRA में बढ़ोतरी से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और DR में बढ़ोतरी से करीब 62 लाख से ज्यादा पेंशनर्स को लाभ होने की उम्मीद है.

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