कनाडा में एक और स्कूल से 182 कब्रें मिलने से सनसनी फैल गई है। यह तीसरा ऐसा मूल निवासी समुदाय के लिए बना स्कूल है, जहां से इतनी बड़ी संख्या में कब्रें मिली हैं। इन कब्रों के मिलने के बाद बच्चों के उत्पीड़न और उनकी मौत की आशंकाएं जताई जा रही हैं। एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक इन कब्रों की जांच के लिए रडार मैपिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके जरिए यह पता लगा है कि ये कब्रें 7 से 15 साल तक के बच्चों की हैं। ये कब्रें बंद पड़े स्कूल से मिली हैं, जिसका नाम इयुगेने मिशन स्कूल है। इसका संचालन 1912 से 1970 तक चर्च द्वारा किया गया था। 

यह तीसरा ऐसा मामला है, जब किसी पुराने स्कूल में इतनी बड़ी संख्या में कब्रें मिली हैं। इससे पहले कैमलूप्स इंडियन रेजिडेंशियल स्कूल में मई में 215 बच्चों की कब्र पाई गई थीं। इसके अलावा बीते सप्ताह ही एक और स्कूल में 750 से ज्यादा कब्रें मिली थीं। लगातार इन तीन मामलों ने कनाडा की जस्टिन ट्रूडो सरकार को सांसत में डाल दिया है। इन कब्रों के मिलने पर देश में राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया गया है। गुरुवार को कनाडा में राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुकाकर रखने को कहा गया है। कनाडा के मूल निवासी कहे जाने वाले आदिवासी समुदाय के लोगों की ये कब्रें आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक मुद्दा भी बन सकती हैं। 

जस्टिन ट्रूडो बोले, आधा झुका रहेगा ध्वज, कहने को नहीं शब्द
इन मामलों को लेकर पीएम जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि ऐसी घटनाओं पर कुछ कहने के लिए शब्द नहीं रह जाते। ट्रूडो ने कहा, ‘आज मिली कब्रों ने संख्या को और बढ़ा दिया है। कनाडा के रेजिडेंशियल स्कूलों में इतनी बड़ी संख्या में कब्रें मिलना चिंता की बात है। ऐसी घटनाओं पर हमेशा ही शब्द कम रह जाते हैं।’ उन्होंने कहा कि मैंने देश के 154वें स्थापना दिवस के मौके पर राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुकाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि देश भर में लोग उन बच्चों के सम्मान में ऐसा कर रहे हैं, जिनकी जिंदगी को बहुत पहले ही उनसे छीन लिया गया। 

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