कानपुर के आदित्य गुप्ता के अब्दुल्ला बनने का सफर स्कूली जीवन से ही शुरू हो चुका था। कई साल से धर्म परिवर्तन कराने वाले उसका माइंडवॉश करने का काम कर रहे थे, इसकी पुष्टि स्कूल से हुई। उसके प्रिसिंपल ने बताया कि आदित्य ने परीक्षा के दौरान कॉपी में कुछ लिखा ही नहीं था। हर पन्ने पर सिर्फ अल्लाह-अल्लाह लिखकर छोड़ दिया था। उसने इंटर तक की पढ़ाई ज्योति बधिर विद्यालय बिठूर से पूरी की। वर्ष 2017 में इंटर पास कर स्कूल छोड़ दिया था। मां लक्ष्मी गुप्ता इसी स्कूल में असिस्टेंट टीचर हैं। प्रिंसिपल रामदास पाल के मुताबिक 2016 में 11वीं के मिड टर्म एग्जाम थे। तब आदित्य भी पेपर देने के लिए क्लास में बैठा था। काफी समय निकल जाने के बाद भी वह कुछ नहीं लिख रहा था। इस पर एग्जाम कराने वाले शिक्षक उसके पास पहुंचे और उससे पूछा कि वह लिख क्यों नहीं रहा। इस घटना की जानकारी उसकी मां को भी दी गई थी। 

मां बोली थीं-मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा 
प्रिसिंपल के मुताबिक लक्ष्मी से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया था कि बेटा सुबह घर से निकलता और शाम को सात आठ बजे आता है। वह कहां जाता है किससे मिलता है क्या बात होती है। इसकी जानकारी नहीं रहती है। लक्ष्मी स्कूल बस से आदित्य को साथ लेकर ही जाती थी और छुट्टी होने के बाद वह दोनों बस से ही वापस आते थे। 

मजार देखकर झुका लेता था सिर 
बस में इन दोनों के अलावा और शिक्षक भी जाते थे। प्रिंसिपल ने बताया कि वह सब भी आदित्य के व्यवहार को लेकर थोड़ा असमंजस में थे। कुछ शिक्षकों ने प्रिसिंपल को जानकारी दी थी कि आदित्य मजार को देखकर सिर झुका लेता था। शुक्रवार को भी आदित्य लंच के बाद नमाजियों की तरह बैठ जाता था। हालांकि उसके साथ के और बच्चे उसके बैठने के तरीके को नहीं समझ पाते थे। उन्हें लगता था कि वह खाना खाने के बाद कसरत कर रहा है। बाद में शिक्षकों ने देखा तब पता चला कि हो क्या रहा था।

एटीएस को मिली सात दिनों की कस्टडी रिमांड
धर्मांतरण कराने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए दोनों अभियुक्तों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की जाएगी।  इस बीच यूपी एटीएस ने दोनों गिरफ्तार अभियुक्तों की सात दिनों की कस्टडी रिमांड हासिल कर ली है। बुधवार से दोनों से पूछताछ शुरू की जाएगी।  मंगलवार को ही एटीएस ने दोनों अभियुक्तों मुफ्ती काजी जहांगीर आलम कासमी और मोहम्मद उमर गौतम की पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए कोर्ट में अर्जी दायर कर दी। लखनऊ के प्रभारी विशेष मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सागर सिंह ने एटीएस की अर्जी पर सात दिनों की रिमांड मंजूर कर दी। यह रिमांड 23 जून की सुबह 11 बजे से 30 जून की सुबह 11 बजे तक रहेगी। कोर्ट ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की। एटीएस ने बुधवार से दोनों से गहन पूछताछ की तैयारी पहले से कर रखी है। दोनों से पूछे जाने वाले सवालों की सूची पहले से तैयार है। 

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