झालावाड़ 13 जून (देश न्यूज़)। अपनी वीरता से भारत भूमि को गौरवान्वित करने वाले पराक्रम और त्याग के प्रतीक, मां भारतीय के अमर सपूत वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप की 481वीं जयन्ती ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया के शुभ अवसर पर झालावाड़ शहर में शुभम् होम्स, वार्ड नं. 29 में नव निर्मित पार्क में महाराणा प्रताप की मूर्ति का अनावरण किया गया। महाराणा प्रताप की झालावाड़ शहर में यह प्रथम मूर्ति है। वार्ड नं. 29 के निर्दलीय पार्षद नरेन्द्रसिंह राजावत द्वारा इस पार्क व मूर्ति का निर्माण करवाया गया, जिसमें इनकी पूरी टीम ने अपना सहयोग प्रदान किया।

इस मूर्ति अनावरण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शैलेन्द्र यादव (कालू भैय्या) अध्यक्ष मानव सेवा समिति झालावाड़ एवं समस्त गाड़िया लुहार परिवार झालावाड़ शहर, विशिष्ट अतिथि अनिल भाई जिला प्रचारक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ रहे। इस मूर्ति का अनावरण मुख्य अतिथि शैलेन्द्र यादव कालू एवं गाड़रिया लुहार परिवार के कर कमलों द्वारा सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर गाड़िया लुहारों का मुख्यअतिथि शैलेन्द्र यादव कालू द्वारा माला पहनाकर, श्रीफल देकर, शॉल ओढ़ाकर एवं महाराणा प्रताप की प्रतिमा के स्मृति चिन्ह भेंटकर उनका सम्मान व स्वागत किया गया।

‘‘प्रताप की शौर्य गाथा हर कोई सुनाऐगा गाकर, मातृभूमि भी धन्य हो गई प्रताप जैसा पुत्र पाकर। चेतक पर चढ़कर राणा ने भाले से दुश्मन संघारे थे, स्वाभिमान की खातिर उन्होनें, जंगल में दिन गुजारे थे।’’ आदि शब्दों के साथ कार्यक्रम के मुख्यअतिथि शैलेन्द्र यादव ने बतायाकि मातृभूमि के लिए सर्वस्य न्यौछावर करने वाले अदम्य साहस, वीरता एवं स्वाभिमान के प्रतीक, पन्नाधाय के महानतम त्याग तथा राणा सांगा के शौर्य और वीरता की उज्वल परम्परा के संवाहक राष्ट्रीय स्वाभिमान व समरसता के प्रतीक आराध्य हिन्दू कुल भूषण महाराणा प्रातप की 481 वीं जयन्ति के अवसर पर उनकी प्रतिमा अनावरण करके मैं धन्य हो गया हूं।

उन्होंने बतायाकि भारत के महान योद्धा महाराणा प्रताप ऐसे शूरवीर थे, जिन्हें दुश्मन भी सलाम करते थे। वह मेवाड़ में सिसोदिया राजपूत राजवंश के राजा थे। इतिहास में उनका नाम वीरता और साहस के लिए सदा अमर है। वह अपनी वीरता एवं युद्ध कला के लिए जाने जाते है। उन्होंने आखिरी सांस तक मेवाड़ की रक्षा की। महाराणा प्रताप को प्रथम स्वतंत्रता सैनानी भी कहा जाता है। उनका घोड़ा चेतक वफादारी के साथ प्रिय हाथी रामप्रसाद भी था। महाराणा प्रताप ने जब महलों का त्याग किया तब उनके साथ लौहार जाति के लिए हजारों लोगों ने भी घर छोड़ा और दिन रात उनकी फौज के लिए तलवारें बनाई थी। आज ऐसे गडरिया लौहार समाज के लोगों का सम्मान करके भी में अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

नगरपरिषद के वार्ड नं. 29 के पार्षद नरेन्द्रंिसंह राजावत कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए बतायाकि महारणा प्रताप की प्रतिमा के मूर्तिकार महावीर भारती जयपुर द्वारा निर्मित की गई है। यह मूर्तिकार राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित है। इनके द्वारा महाराणा प्रताप की एक और प्रतिमा अयोध्या में स्थापित करने के लिए बनाई जा रही है। जिसका अनावरण (यू.पी.) के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के करकमलों द्वारा किया जायेगा। वार्ड नं. 29, शुभम होम्स में स्थित यह पार्क महाराणा प्रताप पार्क के नाम से जाना जायेगा। यह पार्क पूर्णरूप से सुज्जित होगा जो झालावाड़ शहर के लिए एक ऐतिहासिक धरोहर के रूप में होगा। उन्होंने कहाकि संभवतया राजस्थान में पहला अवसर है जब महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण मेवाड़ की सेना में कार्य करने वाले गड़रिया लुहारों द्वारा करवाया गया है। गाड़िया लुहार परिवार मेवाड़ सेना में लोह निर्मित अस्त्र-शस्त्र बनाने का कार्य करते थे। चित्तौड़गढ़ खोने के पश्चात् इन्होंने हमेशा के लिए घर त्यागने का समर्पण किया, जिससे ये परिवार आज भी उस परम्परा को निभा रहे है। सम्पूर्ण कार्यक्रम का आयोजन कोविड़-19 की गाइड लाईन के अनुसार किया गया तथा सेनेटाइजर व मास्क का उपयोग किया गया।

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