कोरोना वैक्सीनेशन के बाद मिलने वाले सर्टिफिकेट पर पीएम मोदी की तस्वीर को लेकर रार जारी है. अब पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने फैसला किया है कि यहां राज्य के तरफ से होने वाले तीसरे चरण के वैक्सीनेशन में 18-44 साल के लोगों को वैक्सीनेशन के बाद सीएम ममता की तस्वीर वाले सर्टिफिकेट दिए जाएंगे.

ममता सरकार की तरफ से यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब कुछ महीने पहले टीएमसी ने वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर पीएम मोदी की फोटो को लेकर बीजेपी और पीएम मोदी की आलोचना की थी. 2021 में हुए बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान टीएमसी ने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से शिकायत भी की थी. टीएमसी ने वैक्सीनेशन के बाद मिलने वाले सर्टिफिकेट पर पीएम मोदी की तस्वीर को आचार संहिता का उल्लंघन बताया था.

ममता बनर्जी कई बार यह मांग कर चुकी हैं कि सभी को वैक्सीन मुफ्त में लगाई जाए. उन्होंने सर्टिफिकेट पर पीएम मोदी की तस्वीर को लेकर भी उनकी आलोचना की थी. हालांकि टीएमसी को लगता है कि सीएम ममता की तस्वीर का सर्टिफिकेट पर होना गलत नहीं है. टीएमसी के सौगत रॉय कहते हैं कि यह पहले बीजेपी वालों ने किया है अगर वो ऐसा कर सकते हैं तो हमारी तरफ से भी ऐसा किया जा सकता है. वो ऐसा नहीं करते तो हम भी ऐसा नहीं करते.

वहीं टीएमसी सरकार के इस फैसले पर बीजेपी भड़क गई है.बीजेपी के सीनियर नेता और राज्य प्रवक्ता समिक भट्टाचार्या का कहना है कि टीएमसी पीएम पद की गरिमा स्वीकार नहीं कर रही है. टीएमसी एक  अलग निर्भर देश की तरह बर्ताव कर रही है.टीएमसी ये मानने को तैयार ही नहीं है कि वे लोग जहां हैं वो भारत का राज्य है.

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