मध्य प्रदेश के राजगढ़ में एक दिल-दहला देने वाला मामला सामने आया। यहां एक 80 साल की वृद्ध महिला को उसके पांचों बेटों ने अपने पास रखने से मना कर दिया। महिला की हालत बेहद खराब थी और वह मुश्किल से चल पाती थी. वह लगातार अपने बेटों से मदद की गुहार भी लगा रही थी, लेकिन कोई भी मदद के लिए आगे नहीं आया। मदद की आस में वृद्धा पुलिस के पास गई तो उसे वहां से कुछ मदद की आस नजर आई।

माता-पिता की जिम्मेदारी बेटों की होती है, लेकिन राजगढ़ी की रहने वाली रामकुंवर बाई के साथ ऐसा नहीं है। टीवी9 में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मौके पर पहुंचकर मामला सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन ऐस न हो पाने की स्थिति में मामला दर्ज कर तीन बेटों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पति की मौत के बाद से रामकुंवर बाई अपने गांव में अकेले ही रह रही हैं और उनकी मदद के लिए कोई भी आगे नहीं आया। पीड़िता रामकुंबर बाई की उम्र करीब 80 वर्ष है और जब उन्हें कही से मदद नहीं मिली तो गांववालों की सलाह पर वह नजदीकी पुलिस स्टेशन में गईं और अपनी आप बीती बताई.

इसे सुनकर पुलिस ने भी पूरी मदद की और पीड़िता के बेटों के पास जाकर मामले को जल्द से जल्द निपटाने के लिए कहा, लेकिन ऐसा न हो पाने पर पुलिस ने अपनी कार्रवाई आगे बढ़ाई और पांच से तीन को गिरफ्तार कर लिया बाकि दो बेटों की तलाश भी पुलिस लगातार कर रही है।

एक ऐसा ही मामला दिल्ली से सटे फरीदाबाद का भी सामने आया था जहां 83 वर्षीय वृद्धा को बेटे-बहू ने घर से पीट-पीटकर निकाल दिया था। दरअसल बहू वृद्धा से रोजाना काम करवाती थी, लेकिन एक दिन उसने काम करने से मना कर दिया जिससे नारा दोनों ने पहले तो उसे मारा और बाद में घर से बाहर भी निकाल दिया। वृद्धा को एक पास के वृद्ध आश्रम ने अपने पास रखा था। इसके बाद उसने अपनी सारी आप बीती वृद्ध आश्रम के सदस्यों को बताई थी।

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