चित्तौड़गढ़, 05 जून । मिलावटखोरी के खिलाफ चित्तौड़गढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जिले के निम्बाहेड़ा क्षेत्र के चरलिया ब्राह्मण गांव में एक मकान में बनाए गोदाम में निम्बाहेड़ा कोतवाली पुलिस और जिला स्पेशल टीम ने छापा मार मिलावटी रंगो से धनिया पॉलिश करते पकड़ा। इस दौरान फूड इंस्पेक्टर को भी नमूने लेने के लिए बुलाया गया। पुलिस ने मौके से 943 कट्टे बरामद किए, जिसमें 340 क्विंटल 40 किलो धनिया भरा हुआ था। पुलिस ने गोदाम में रखा धनिया सीज कर दिया।
जानकारी में सामने निंबाहेड़ा कोतवाली थानान्तर्गत चरलिया ब्राह्मण स्थित एक मकान के गोदाम में नीमच के व्यवसायी राजेश कुमार पुत्र फतेहलाल अग्रवाल मशीन की सहायता से धनिये पर मिलावटी रंगों से पॉलिश कर उन्हें चमका कर ऊंचे कीमतों पर मार्केट में बेचने का काम करता है। व्यापारी राजेश अग्रवाल ने यहां मकान किराए पर ले रखा था। सूचना पर कोतवाली निंबाहेड़ा पुलिस ने छापा मारा और 943 से अधिक कट्टे धनिया के मिले। इन कट्टों में 340 क्विंटल 40 किलो धनिया भरा हुआ था। सैंपल लेने के लिए फूड इंस्पेक्टर महेश सिहाग को भी बुलाया गया। पुलिस ने धनिया के सैंपल करवा कर गोदाम को सीज कर दिया और आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। इस पॉलिश से धनिये की कीमत दुगुने से भी अधिक हो जाती है।

पुलिस पूछताछ में आरोपित राजेश ने बताया कि नीमच मध्यप्रदेश की प्रशासन व्यापारियों के खिलाफ काफी सख्त कार्रवाई कर रहे थे। इससे घबरा कर वह मध्यप्रदेश-राजस्थान बॉर्डर के पास के गांव में एक किराए का मकान ले लिया। इधर, पुलिस का कहना है कि यह घर बाबूलाल पुत्र शंकर लाल धाकड़ निवासी चरलिया ब्राह्मण का है। मकान मालिक भी इस मामले में शामिल हैै या नहीं इस बात की जांच चल रही है।
फूड इंस्पेक्टर महेशसिंह सियाग ने पुलिस को बताया कि पुराने खराब धनिया गोदाम में भर रखे थे। 340 क्विंटल 40 किलो धनिया रखा हुआ था। इसमें से केमिकल वाले 18 हजार 440 किलो धनिया थे, जबकि बिना केमिकल के 15 हजार 600 किलो थे। इन धनिया पर सल्फर और अन्य केमिकल लगा कर मशीनों के सहायता से इन्हें नया रूप दिया जाता है। पॉलिश करने पर यह बिल्कुल नए धनिया जैसे लगते हैं।

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