स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में भर्ती एक युवती से गैंगरेप का मामला प्रकाश में आया है। ऑपरेशन के दौरान युवती ने डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों पर गलत काम करने का आरोप लगाया। पीड़िता के चचेरे भाई की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच की। वहीं सीएमओ और मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने इस प्रकरण की जांच के लिए डॉक्टरों की टीम का गठन किया है। उन्हीं की रिपोर्ट पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मिर्जापुर के एक युवक ने मंगलवार देर रात सोशल मीडिया पर अपना बयान देकर हड़कंप मचा दिया। उसने कहा कि उसकी चचेरी बहन की आंत में समस्या है। 29 मई को उसे स्वरूपरानी अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक जून की रात 11 बजे डॉक्टर ऑपरेशन करने के लिए उसे ओटी में ले गए थे। रात एक बजे वह ऑपरेशन के बाद जब लौटी तो अचेत लग रही थी। वह कुछ कहना चाह रही थी। उसे पेन दिया तो उसने कागज पर लिखा कि कुछ लोगों ने उसके साथ गलत काम किया है। इसके बाद उसने प्रयागराज के एसएसपी को कॉल करके सूचना दी। थोड़ी देर बाद पुलिस आ गई। आरोप है कि पुलिस ने पूछताछ कर उसकी पर्ची फाड़ दी। इसके बाद युवक ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती वायरल की।

इस मामले में डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने बताया कि रात में सूचना मिलने पर सीओ कोतवाली सतेंद्र तिवारी मौके पर गए थे। पुलिस ने पीड़िता की मां और अन्य रिश्तेदारों से पूछताछ की। किसी ने ऐसा आरोप नहीं लगाया है। युवती के होश में आने पर पूछताछ की जाएगी। इस प्रकरण की जांच के लिए डॉक्टरों ने टीम गठित की गई है। वहीं कोतवाली पुलिस की मानें तो युवती को प्यास लगी थी। डॉक्टर ने पानी देने के लिए मना किया था। इसी कारण वह परेशान थी। बताया जा रहा है कि युवती की हालत गंभीर बनी थी। डॉक्टरों ने मेजर ऑपरेशन करके उसकी जान बचाई है।

हाथ की लिखी पर्ची वायरल
गैंगरेप का आरोप लगाने वाला युवक अपनी बहन का वीडियो और हाथ से लिखी हुई पर्ची को भी सोशल मीडिया पर वायरल किया है। जिस पर्ची को उसकी बहन से लिखी बताई जा रही है, उसमें लिखा है कि झूठ बोला सब। इलाज नहीं किया। गंदा काम हुआ है मेरे साथ।

एसआरएन के पांच डॉक्टर करेंगे गैंगरेप की जांच
एसआरएन के डॉक्टरों पर गैंगरेप का आरोप लगाने वाली युवती का मेडिकल परीक्षण बुधवार को डफरिन में हुआ। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य की संस्तुति पर सीएमओ के माध्यम से युवती की जांच हुई। वहीं आरोपों की जांच के लिए प्राचार्य डॉ एसपी सिंह ने पांच सदस्यीय डॉक्टरों की टीम बनाई है। जांच टीम में डॉ. वत्सला मिश्रा, अजय कुमार, अरविंद गुप्ता, अमृता चौरसिया, अर्चना कौल को रखा गया है। मामले में बताया गया कि युवती की आंत पूरी तरह से फट गई थी। सोमवार रात 11 से एक बजे तक उसका ऑपरेशन किया गया। इसके बाद उसे वार्ड में भर्ती कर दिया गया। उस वक्त उसके परिजन भी मौजूद थे। एक दिन पहले उसे ब्लड चढ़ाया गया था। वहीं ऑपरेशन के समय चार महिला सर्जन, एक महिला नर्स, दो पुरुष डॉक्टर व एक वार्ड ब्वॉय मौजूद था। 

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