भारत में कोरोना के बढ़ते केसों के बीच अब तक कई राज्यों ने सख्त लॉकडाउन लगा रखा है। हालांकि, कुछ राज्यों ने महीनों तक चली बंदी के बाद आखिरकार लॉकडाउन की शर्तों में छूट देना भी शुरू कर दिया है। इस बीच केंद्र सरकार ने लॉकडाउन खोलने की कुछ शर्तें सामने रखी हैं। इसमें कहा गया है कि किसी भी जिले में अनलॉक करने के लिए वहां 5 फीसदी से कम पॉजिटिविटी रेट और कोरोना की चपेट में आ सकने वाली 70 फीसदी संवेदनशील आबादी का टीकाकरण तय होना चाहिए।

केंद्र ने कहा कि तीसरी लहर से बचाव और शहरों को ठीक ढंग से अनलॉक करने के लिए यह शर्तें पूरी करना अनिवार्य है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के महानिदेशक डॉक्टर बलराम भार्गव ने कहा कि कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार के लिए सामुदायिक स्तर पर जागरुकता होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिबंधों को धीरे-धीरे खत्म करने से कोरोना केसों में अचानक बढ़ोतरी नहीं होगी।

‘पहले वैक्सीन लगाएं, फिर जिलों को खोलने का सोचें’: डॉक्टर भार्गव ने कहा, “तीसरी लहर से बचाव के लिए सही यह होगा कि जिन जिलों में 5 फीसदी से कम संक्रमण दर है, उन्हें थोड़ा और धीरे-धीरे खुलने की इजाजत दी जाए। उन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कम से कम 70 फीसदी संवेदनशील आबादी को टीका मिला हो। डॉक्टर भार्गव ने कहा कि संवेदनशील आबादी यानी 60 साल से ऊपर के बुजुर्ग और पहले से किसी बीमारी की चपेट में आ चुके 45 साल से ऊपर के लोगों का टीकाकरण बेहद जरूरी है। अगर यह लक्ष्य पूरा न हुआ हो, तो उन्हें लोगों को टीका लगाना चाहिए और फिर खुलना चाहिए।” स्वास्थ्य मंत्रालय के डेटा के मुताबिक, 13 मई तक देश में 45+ की 32 फीसदी आबादी को ही पहली डोज लग पाई है।

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