बैंक सैलरीड, नॉन-सैलरीड और पेंशन पाने वालों को कोविड के इलाज के लिए अनसिक्योर्ड लोन देंगे. न्यूनतम लोन 25,000 से लेकर अधिकतम लोन 5 लाख तक का मिलेगा. लोन की अवधि पांच साल तक की रहेगी.

नई दिल्ली: अब कोविड-19 के इलाज (Covid-19 treatment) के लिए सरकारी बैंकों से लोन लिया जा सकेगा. बैंक अब लोगों को कोविड संक्रमण के इलाज के लिए 25,000 से लेकर 5 लाख तक का अनसिक्योर्ड लोन (unsecured loan) देंगे. इंडियन बैंक असोसिएशन (IBA) और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने इसे लेकर घोषणा की है. दरअसल, कुछ हफ्तों पहले केंद्रीय रिजर्व बैंक ने अपनी इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECGLS) के तहत कोविड लोन बुक की योजना जारी की थी, जिसके तहत बैंकों को कोविड के इलाज के लिए अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन के साथ-साथ हेल्थकेयर बिजनेसेज़ को स्वास्थ्य सुविधाएं तैयार करने के लिए लोन देने की बात थी.

किन्हें मिलेगा लोन

बैंक सैलरीड, नॉन-सैलरीड और पेंशन पाने वालों को कोविड के इलाज के लिए अनसिक्योर्ड लोन देंगे. इस कैटेगरी में आने वाला कोई भी शख्स लोन के लिए अप्लाई कर सकेगा. न्यूनतम लोन 25,000 से लेकर अधिकतम लोन 5 लाख तक का मिलेगा. लोन की अवधि पांच साल तक की रहेगी.

कितनी होगी ब्याज दर

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने कोविड अनसिक्योर्ड लोन के लिए ब्याज दर 8.5 फीसदी सालाना रखी है. प्रमुख सरकारी बैंक ने कहा है कि बाकी बैंक अपनी खुद की दर तय करने के लिए स्वतंत्र हैं.

स्वास्थ्य इंफ्रा के लिए बिजनेस लोन

IBA और SBI ने बताया कि बैंक अस्पतालों और नर्सिंग होम्स को ऑक्सीजन प्लांट तैयार करने के लिए 2 करोड़ तक का लोन देंगे, जिसपर 7.5 फीसदी का ब्याज लगेगा. स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने या फिर हेल्थकेयर प्रॉडक्ट बनाने के लिए हेल्थकेयर फैसिलिटीज़ को 100 करोड़ तक का बिजनेस लोन मिलेगा.
बता दें कि आरबीआई ने कहा था कि वो इमरजेंसी मेडिकल सुविधाओं के लिए फंड की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 50,000 करोड़ के टर्म-लिक्विडटी की सुविधा देगा. पब्लिक सेक्टर बैंकों ने रेजॉल्यूश फ्रेमवर्क 2.0 के तहत मध्यम, लघु और सूक्ष्म उद्योगों के लोन रिस्ट्रक्चरिंग का फॉर्मूला भी तैयार किया है.

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