जयपुर. सीकर के रविंद्र को चेन्नई के कोडबकम थाना इलाके में नौकरी का झांसा देकर बुलाया गया था. तनख्वाह के अलावा रहने, खाने-पीने की फ्री व्यवस्था का झांसा दिया गया. वहां कंपनी की पॉलिसी के नाम पर कई बार मेडिकल जांच कराई गई. फिर जयपुर के एक जवाहरात व्यापारी से मिलवाया गया. कहा- कि इन्हें किडनी ट्रांसप्लांट करनी है.

किडनी देने से मना किया तो धमकी दी

पीड़ित रविंद्र सिंह ने बताया कि एक जानकार अनिमेष विश्वास ने उसे चेन्नई बुलाया. जनवरी 2020 में चेन्नई बुलाने ने के बाद मेडिकल जांचें करवाई. 2 महीने बाद उसकी मुलाकात मेडवे हॉस्पिटल में जयपुर निवासी राजीव जौहरी, अनीता जौहरी और सुधीर जौहरी से करवाई. पीड़ित से कहा गया कि राजीव जौहरी को किडनी ट्रांसप्लांट करनी है. रविंद्र ने ऐसा करने से मना कर दिया. उसने आरोप लगाया कि इंकार करने पर जौहरी के साले अनूप ने उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी. साथ ही एक फर्जी एग्रीमेंट साइन करवा लिया गया.

पैसा, नौकरी, ट्रीटमेंट का झांसा

एग्रीमेंट साइन करने के बाद पीड़ित को 15 लाख रुपए, नौकरी और जीवनभर उपचार का झांसा दिया. साथ ही 20 हजार रुपए देकर किडनी ट्रांसप्लांट के लिए कहा गया. पीड़ित ने जब ट्रांसप्लांट के लिए साफ इंकार कर दिया तो उसे चेन्नई में ही डेढ़ महीने तक एक फ्लैट में बंद करके रखा गया और जान से मारने की धमकियां दी गईं.

और निकाल दी किडनी

पीड़ित के मुताबिक 4 फरवरी 2021 को चेन्नई के मेडवे अस्पताल में उसे जान से मारने की धमकी देकर और डरा धमका कर किडनी निकाल ली गई. रविंद्र की किडनी राजीव जौहरी को ट्रांसप्लांट भी कर दी गई. इस घटना के बाद पीड़ित को 10 मार्च को चेन्नई से सीकर भेज दिया गया. मार्च एंडिंग में जयपुर आकर राजीव जौहरी से मिलने के लिए कहा गया.

पूरा जौहरी परिवार गायब

जब पीड़ित मार्च एंड में राजीव से मिलने जयपुर पहुंचा तो जौहरी परिवार ने पीड़ित से मिलने से इंकार कर दिया. साथ ही उसे घर के अंदर भी नहीं घुसने दिया. जिस पर पीड़ित ने बजाज नगर थाने पहुंच शिकायत दर्ज करानी चाही तो राजीव जौहरी के भाई सुधीर जौहरी ने थाने पहुंच पीड़ित को 80 हजार रुपए देकर राजीनामा करने का दबाव बनाया. साथ ही 15 दिन बाद जयपुर आकर मिलने को कहा. उसके बाद पीड़ित 21 मई को जयपुर आया और जब राजीव जौहरी के भाई सुधीर जौहरी के घर गया तो वहां पर ताला लगा हुआ मिला. पीड़ित ने जब जौहरी परिवार के सदस्यों को फोन किया तो उन सब के फोन बंद आए.

मानसिक तनाव में आकर किया आत्महत्या का प्रयास

पीड़ित को जब जोड़ी परिवार के आवास पर ताला लगा हुआ मिला तो मानसिक तनाव में आकर पीड़ित ने जहर पीकर आत्महत्या का प्रयास किया. जिस पर आसपास रहने वाले लोगों ने पुलिस के सहयोग से पीड़ित को एसएमएस अस्पताल इलाज के लिए भर्ती कराया और उसकी जान बच सकी. उसके बाद पीड़ित फिर से जौहरी परिवार के घर के बाहर पहुंचा और तब से लेकर आज तक वहीं न्याय की आस में धरने पर बैठा है. पीड़ित ने बजाज नगर थाने में जौहरी परिवार और अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई है. हालांकि मामला चेन्नई का है इसलिए पुलिस ने पीड़ित की शिकायत लेकर उसे चेन्नई पुलिस को जांच के लिए ट्रांसफर किया है.

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