जयपुर, 29 मई। राजधानी जयपुर सहित प्रदेश भर में मौसम अपना रुख बार-बार बदल रहा है। नौतपा में सूर्य देव के तीखे तेवर के चलते जहां एक तरफ आमजन के पसीने छूट रहे हैं, वहीं शनिवार शाम बारिश ने नौतपा की गर्मी को धोकर रख दिया। प्रदेश में शुक्रवार शाम को मौसम ने मिजाज बदला था और जयपुर वासियों को गर्मी से कुछ राहत मिली थी। शनिवार को सुबह से ही सूर्य देव के तीखे तेवर रहे। तापमान में बढ़ोतरी भी हो रही थी। जयपुर का तापमान दिन में बढ़ कर 43 डिग्री तक भी पहुंच गया था, लेकिन शाम होते-होते अचानक मौसम का मिजाज बदल गया।राजधानी जयपुर में बदले हुए मौसम ने आमजन को गर्मी से राहत दी है। शनिवार शाम 6 बजे बाद अचानक मौसम बदला और तेज हवा के साथ कई जगह हल्की बूंदाबांदी होने लगी। तापमान में आंशिक गिरावट भी दर्ज की गई। बारिश होने के कारण राजधानी जयपुर के तापमान में दो डिग्री तक की गिरावट हुई। प्रदेश में सर्वाधिक तापमान श्रीगंगानगर में दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक श्रीगंगानगर में दिन का तापमान 47 डिग्री रहा। मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार 31 मई से प्रदेश में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश और तेज हवा चल सकती हैं। जिससे आमजन को नौतपा से राहत मिल सकती है। सीकर जिले के नीमकाथाना सहित आसपास के क्षेत्र में शनिवार को तेज हवा के साथ झमाझम बारिश हुई। कई जगह ओले भी गिरे हैं। शनिवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली और तेज अंधड़ के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा का कहना है कि आगामी 2 जून तक प्रदेश के जयपुर, भरतपुर, उदयपुर, बीकानेर और कोटा संभाग के कई जिलों में बादल छाने, तेज आंधी चलने और कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। इस बार मानसून भी 20 जून के आसपास आने की संभावना जताई जा रही है। यानी, इस बार हर साल की तुलना में चार से पांच दिन पहले यहां मानसून पहुंच जाएगा। राज्य में इस साल नौतपा का असर भी पिछले 3 साल की तुलना में थोड़ा कम रहा। इसके पीछे कारण प्रदेश में बन रहा साइक्लोनिक सिस्टम है, जिसके कारण मौसम में बदलाव हुआ और बारिश के आसार बने। इससे पहले आए चक्रवाती तूफान ताऊ ते के प्रभाव के कारण भी पारा ज्यादा नही चढ़ पाया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 3 साल में जयपुर में मई के आखिरी सप्ताह में अधिकतम तापमान 44-45 डिग्री के आस-पास रहा, जो इस बार 40 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच है। प्रदेश में बीते दो दिनों से अलग-अलग हिस्सों में बारिश हो रही है। बारिश के कारण भले ही तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं हुई, लेकिन बढ़ोतरी भी नहीं हुई। शुक्रवार को प्रदेश के 8 शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। इसमें सबसे ज्यादा तापमान गंगानगर में 47.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। साल 2020 में नौतपा के दौरान सबसे अधिक तापमान चूरू में 50 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। 2019 में मई के ही अंतिम सप्ताह में श्रीगंगानगर में 49 और चूरू में 48.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं 2018 में चूरू, श्रीगंगानगर में तापमान 47-48 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ। जयपुर में 2018, 2019 और 2020 में नौतपा के दौरान मई में सबसे अधिक तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो इस बार अब तक 43 डिग्री से ऊपर नहीं गया है। राजस्थान में शनिवार को जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, भरतपुर सहित प्रदेश के सभी शहरों में मौसम पूरी तरह साफ रहा। जोधपुर, बीकानेर, चूरू, गंगानगर में रात का न्यूनतम तापमान भी 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। श्रीगंगानगर, चूरू, बीकानेर दिन का पारा 44 डिग्री तक पहुंच गया।

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