जयपुर। राजस्थान के दौसा जिले में एक 43 वर्षीय महिला ने दावा किया है कि उसे एक ही दिन में कोरोना वायरस के खिलाफ लगने वाली वैक्सीन की दो डोज लगा दी गईं। हालांकि, डॉक्टरों ने इससे इनकार किया है। राम चरण शर्मा ने कहा कि वह शुक्रवार को अपनी पत्नी किरण सहित अपने परिवार के साथ नंगल के पास एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में टीकाकरण के लिए गए थे, जहां चिकित्सा कर्मचारियों ने उनकी पत्नी को दो बार टीका लगा दिया।उन्होंने कहा, ”हम सुबह 9 बजे पीएचसी गए थे, लगभग 11 बजे टीका लगाया। हम घर लौट आए और मैं किसी काम में शामिल होने के लिए निकला। बाद में शाम को, मैंने पाया कि वह (किरण) चिंतित दिख रही थी और उसे हल्का बुखार था। शाम को ही उसने दो डोज लगाए जाने के बारे में खुलासा किया।” शर्मा ने कहा कि इसके फौरन बाद उन्होंने टीकाकरण केंद्र से संपर्क भी किया।उन्होंने आगे कहा कि सेंटर के कर्मचारियों ने इस बात से इनकार किया कि पत्नी को दो खुराकें दी गई थीं और कहा कि यह नियमों के अनुसार संभव नहीं है। इसके बाद मैंने एक अन्य डॉक्टर से सलाह ली, जिन्होंने कुछ पैरासिटामोल दवाएं दीं और उसे आराम करने की सलाह दी। वहीं, दौसा के मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनीष चौधरी ने एक साथ दोहरी खुराक के दावों को खारिज कर दिया।चौधरी ने कहा कि महिला को पहली बार टीका लगाए जाने के समय खून निकलने लगा था, जिसके बाद उस जगह पर नहीं लगाया गया। फिर नर्सिंग स्टाफ ने उसकी बांह पर एक और जगह ढूंढी और पहली खुराक से उसे टीका लगाया। उसने (किरण) मान लिया कि उसे दो बार टीका लगाया गया था, जो बिल्कुल भी सच नहीं है।” डॉ. चौधरी ने बताया कि किरण के घर खैरवाल गांव में डॉक्टरों की टीम भी स्थिति की जांच के लिए भेजी गई है। उन्होंने कहा, ”डॉक्टरों ने उसकी चिकित्सा स्थिति को बिल्कुल सामान्य पाया। कोई दुष्प्रभाव भी नहीं बताया गया।”वहीं, जब इस मामले में जिला के कलेक्टर पीयूष समारिया से पूछा गया तो उन्होंने भी इसे खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि महिला को एक ही डोज दी गई है। उधर, एसएमएस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के सीनियर प्रोफेसर डॉ. रमन शर्मा ने बताया कि अगर दोनों डोज भी एक ही दिन में लग जाएं तो भी कोई बड़ा साइड इफेक्ट नहीं होता है।

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