देश में कोरोना विषाणु संक्रमण के नए मामले तो कम हो रहे हैं लेकिन मृत्यु दर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। पिछले नौ दिनों में मृत्यु दर में 0.05 फीसद की वृद्धि हुई है। दूसरी ओर, मई में सिर्फ दो ही दिन मरने वालों की संख्या 3,500 से कम रही है। शेष दिनों में यह 3,500 से अधिक दर्ज हुई है। देश में इस महीने में अब तक 98,861 लोगों की मौत हो चुकी है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर की शुरुआत के बाद मृत्यु दर में लगातार और तेज कमी दर्ज की गई। आंकड़ों के अनुसार 16 मई को देश में कोरोना मृत्यु दर 1.09 फीसद थी जो 17 मई को 1.10 फीसद हो गई। इसके बाद मृत्यु दर 20 मई को 1.11 फीसद, 22 मई को 1.12 फीसद, 23 मई को 1.13 फीसद और 24 मई को 1.14 फीसद दर्ज की गई। इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई लेकिन मंत्रालय से कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो पाई। मृत्यु के मामले में देश के लिए चालू महीना बहुत ही खराब रहा है। इस महीने अब तक 98,861 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि इस महीने में भी एक सप्ताह बाकी है। दुनिया में किसी भी देश में न अमेरिका और न ही ब्राजील में, एक महीने में एक लाख मौतें नहीं हुई हैं।

लेकिन भारत इस दुखद आंकड़े के करीब पहुंच गया है। भारत में अप्रैल के महीने में 49 हजार से अधिक मौत हुई थीं। पिछले सप्ताह तो दुनिया में कोरोना संक्रमण के कारण होने वाली हर तीन में से एक मृत्यु भारत में हो रही थी। राज्यों की बात करें तो सबसे अधिक 89,212 मौतें महाराष्ट्र में हुई हैं।

हालांकि, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय लगातार देश की मृत्यु दर को दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले कम बताता रहा है। वर्तमान स्थिति के मुताबिक अब तक सबसे अधिक प्रभावित रहे अमेरिका की मृत्यु दर 1.80 फीसद और इटली की मृत्यु दर तीन फीसद रही है। इटली में संक्रमित होने वाले 100 लोगों में से तीन लोगों की मौत हुई।

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