कोरोना की दूसरी लहर के दौरान उत्तर प्रदेश में पति-पत्नी के झगड़ों में पांच गुना तक इजाफा हो गया है। इसका खुलासा बीएचयू के मनोविज्ञानियों की ऑनलाइन काउंसिलिंग में हुआ है। सामान्य दिनों में प्रति सप्ताह 18 से 20 मामले सामने आते थे, अब इनकी संख्या 95 से 100 तक पहुंच गई है।

बीएचयू के मनोवैज्ञानिकों की सात सदस्यी टीम की काउंसिलिंग के अनुसार पति-पत्नी के बीच झगड़ों के कारण बहुत मामूली हैं। सामान्य परिस्थितियों में वे जिन कारणों की अनदेखी कर दिया करते थे, अब वही उनके बीच विवाद की वजह बन जा रहे हैं। झगड़ों के पीछे सर्वाधिक प्रमुख कारण घरेलू काम काज में हाथ न बंटाना बन रहा है। बच्चों की देखभाल, ज्यादातर समय सोशल मीडिया पर लगे रहना, खाने के आइटम की जरूरत से ज्यादा फरमाइश करना और शराब का सेवन भी कारणों के रूप में सामने आए हैं।

बीते दो महीनों के आंकड़े बताते हैं कि पति-पत्नी के झगड़ों के सर्वाधिक मामले नवाबों के शहर लखनऊ में आए हैं। इस अवधि में दंपती में झगड़ों के कुल 808 मामले आए। उनमें सर्वाधिक 15 फीसदी लखनऊ के हैं। 13 फीसदी कानपुर, 11 फीसदी मेरठ, 10 फीसदी बरेली, नौ फीसदी आगरा, सात-सात फीसदी बनारस और गोरखपुर, पांच फीसदी प्रयाग, चार फीसदी मुरादाबाद के हैं। शेष 19 फीसदी मामले उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों व दूसरे राज्यों के हैं।

काउंसिलिंग करने वाली टीम
डॉ. लक्ष्मण यादव के नेतृत्व में काउंसिलिंग करने वाली टीम में डॉ. ऋचादेव, डॉ. शिव्या रॉय, प्रेरणा रमन, डॉ. पूजा जायसवाल, डॉ. राजेश जैन एवं डॉ. अजय शामिल हैं।

दो महीनों में आए मामले
लखनऊ-119, कानपुर-104, मेरठ-87, बरेली-79, आगरा-73, बनारस-57, गोरखपुर-56, प्रयागराज-41, मुरादाबाद-33। प्रदेश के अन्य शहरों एवं दूसरे राज्यों के 159 मामले आए।

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