नई दिल्ली: केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बुधवार को कहा कि भारत इस वर्ष के अंत तक कोविड-19 वैक्‍सीन के 267 करोड़ डोज हासिल कर लेगा और देश के हर वयस्‍क के टीकाकरण करने की स्थिति में होगा. एक अधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई. स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने कहा कि जुलाई माह तक ही कोविड-19 वैक्‍सीन के 51 करोड़ डोज उपलब्‍ध होंगे, अगस्‍त से दिसंबर माह के दरमियान यह संख्‍या 216 करोड़ और बढ़ जाएगी. उन्‍होंने राज्‍यों से हे ल्‍थ और फ्रंटलाइन वर्कर्स का पूरी तरह से टीकाकरण सुनिश्चित करने का आग्रह किया क्‍योंकि ये अति संवेदनशील/नाजुक (vulnerable) कैटेगरी में हैं.

पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के आठ राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों और प्रधान सचिवों/अतिरिक्त मुख्य सचिवों के साथ रूबरू होते हुए में हर्षवर्धन ने कहा, ‘अगस्त से दिसंबर 2021 के बीच भारत 216 करोड़ खुराक हासिल कर लेगा जबकि इस साल एक जुलाई तक 51 करोड़ खुराक हासिल कर ली जाएंगी.”स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान के अनुसार हर्षवर्धन ने कहा कि साल के अंत तक देश इस स्थिति में होगा कि कम से कम इसकी वयस्क आबादी का टीकाकरण (कोविड रोधी) हो जाए. बयान में कहा गया कि पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के आठ राज्यों में संक्रमण के दैनिक मामलों में और मौत के मामलों में वृद्धि देखने को मिल रही है तथा संक्रमण दर भी बढ़ रही है.

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने कहा कि अब छोटे राज्यों में संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखने को मिल रही है और इस बारे में सतर्क होने की आवश्यकता है.इस दौरान, उन्होंने महामारी की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को भी रेखांकित किया. बयान में उनके हवाले से कहा गया, ‘‘हमने अपनी क्षमता में वृद्धि कर इसे हर रोज 25 लाख लोगों की जांच तक कर लिया है.कल, भारत ने एक दिन में ऐतिहासिक रूप से पहली बार 20 लाख से अधिक लोगों की जांच की.यह एक वैश्विक रिकॉर्ड भी है. उन्‍होंने नगरों के आसपास स्थित क्षेत्रों और ग्रामीण क्षेत्रों में जांच केंद्रों को मजबूत करने पर जोर दिया.
कोविड रोधी टीकाकरण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भारत 18 करोड़ से अधिक खुराक दिए जाने के साथ ही हाल में एक और उपलब्धि प्राप्त कर चुका है.उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि राज्य सरकारों के पास अब भी टीके की एक करोड़ से अधिक खुराकों का भंडार है।बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने दोहराया कि जांच संख्या, खासकर आरटी-पीसीआर में वृद्धि की जानी चाहिए. उन्‍होंने कहा कि केंद्र ऑक्सीजन की आपूर्ति तथा ब्‍लैक फंगस रोधी दवाओं को लेकर भी राज्यों की मदद कर रहा है.

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