-कोविड मरीज़ों के तीमारदारों को अब रहने-भोजन की निशुल्क सुविधा भी

-लोकसभा अध्यक्ष बिरला की प्रेरणा से दिगम्बर जैन बघेरवाल संघ ने प्रारंभ की सेवा

कोटा 18 मई । कोविड रोगियों की मदद के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की प्रेरणा से शहर में प्रतिदिन नई सुविधाएं प्रारंभ की जा रही हैं। अखिल भारत वर्षीय दिगम्बर जैन बघेरवाल संघ ने जीएमए अध्यक्ष राकेश जैन के सहयोग से मंगलवार को ग्रामीण क्षेत्रों या अन्य शहरों से कोटा आकर अस्पताल में उपचार करवा रहे कोविड मरीजों के परिजनों के लिए रहने और निशुल्क भोजन की सुविधा प्रारंभ की है।

जीएमए अध्यक्ष राकेश जैन ने बताया कि कोविड की गंभीर चुनौती के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में उपचार की सुविधाएं नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में कोविड मरीज कोटा आकर सरकारी या निजी अस्पतालों में उपचार करवा रहे हैं। बड़ी संख्या में ऐसे भी मरीज हैं जो कोटा के आसपास के जिलों यहां तक की मध्य प्रदेश से उपचार करवाने के लिए कोटा आए हैं। इन मरीजों के साथ परिजन और तीमारदार भी हैं, जिनके लिए रहने-खाने की कोई व्यवस्था नहीं है। यह लोग मजबूरी में अस्पतालों के बाहर सड़कों पर पड़े हैं।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को जब मरीजों के तीमारदारों और परिजनों को हो रही परेशानी की जानकारी मिली तो उन्होंने तत्काल उनके लिए व्यवस्था करने को कहा। इसके बाद अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन बघेरवाल संघ ने कोटा हवाई अड्डे के सामने स्थित समाज के बघेरवाल मांगलिक भवन को कोविड मरीजों के परिजनों और तीमारदारों के लिए खोल दिया। भवन में करीब 80 व्यक्तियों के रहने की व्यवस्था की गई। इसके अलावा यहां रहने वाले लोगों को चाय और दोनों टाइम के पौष्टिक भोजन की निशुल्क सुविधा दी जाएगी।

बघेरवाल संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेन्द्र खटोड़ एवं महामन्त्री विमल मड़िया ने कहा कि यह भवन शहर के बीचों बीच व प्रमुख अस्पतालों के नजदीक होने से इसका अधिकाधिक लाभ जन सामान्य को देना ही हमारा प्रयास है ।

इस सुविधा का लाभ लेने के लिए व्यक्ति को मोबाइल नम्बर 98290-18789 पर सम्पर्क करना होगा। इसके अतिरिक्त इसी नम्बर पर मरीज का भर्ती का पर्चा और रोगी और परिजनों का आधार कार्ड भी व्हाट्सएप करना होगा। आवश्यक कार्यवाही के बाद परिजनों और तीमारदारों को भवन में रहने और भोजन की व्यवस्था कर दी जाएगी। हालांकि, यह सुविधा मरीज के अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि के दौरान ही मिलेगी। मरीज के डिस्चार्ज होने के बाद परिजनों और तीमारदारों को भी भवन खाली करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि यह सुविधा मिलने से तीमारदारों और परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी। दिनभर मरीज की देखरेख करने के बाद रात को वे आराम कर सकेंगे, जिससे वे अगले दिन के लिए स्फूर्ति हासिल कर सकेंगे। परिजनों के लिए दोनों समय पौष्टिक तथा स्वच्छ भोजन की व्यवस्था होने से उन्हें भोजन की व्यवस्था करने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।

Leave a Reply