मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रेप का एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां एक कोरोना मरीज़ महिला के साथ वार्ड बॉय ने बलात्कार किया और इसके अगले ही दिन महिला की मौत हो गई. घटना 6 अप्रैल की है, जो एक सामाजिक कार्यकर्ता की चिट्ठी से सामने आई है. आरोप है कि अस्पताल इस मामले को दबाने की पुरजोर कोशिश में जुटा था.

भोपाल गैस पीड़ितों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले संगठनों ने 12 मई को गैस पीड़ितों के लिए बनाई गई निगरानी समिति के अध्यक्ष को एक पत्र भेजा तो रेप का यह मामला सामने आया. पत्र के ज़रिए आरोप लगाया है कि ‘6 अप्रैल को भोपाल मेमोरियल असप्ताल में भर्ती करीब 43 साल की कोरोना मरीज़ के साथ वार्ड बॉय ने रेप की घटना को अंजाम दिया. महिला मरीज़ ने इसकी जानकारी एक महिला डॉक्टर को दी, जिसने इसकी जानकारी पुलिस को दी.

स्थानीय पुलिस थाने से टीम भी गई और घटना की जानकारी जुटाई गई. घटना के बाद महिला मरीज़ की हालत बिगड़ने लगी और उसे वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया. अगले दिन 7 अप्रैल को महिला की मौत हो गई. कोरोना प्रोटोकॉल से उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया. सामाजिक कार्यकर्ता का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने घटना को छिपाने की पुरजोर कोशिश की और महिला की मौत के एक महीने बाद भी महिला के साथ हुई घटना की जानकारी उसके परिजनों को नहीं दी गई.

इस मामले में भोपाल पुलिस ने बयान जारी करते हुए बताया है कि ‘6 अप्रैल को पीड़ित महिला ने अस्पताल प्रबंधन को दुष्कर्म की जानकारी दी थी. अस्पताल ने पुलिस को इस बारे में जानकारी दी. पुलिस ने घटना के बाद रेप की धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को कुछ ही घंटे बाद गिरफ्तार किया और अगले दिन कोर्ट में पेश किया. जहां से उसे जेल भेज दिया गया है.

पुलिस के मुताबिक आरोपी अभी भी जेल में ही है और पुलिस सभी साक्ष्य इस्तेमाल कर इस मामले को मजबूती से कोर्ट में पेश करेगी, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके. भोपाल पुलिस द्वारा मामले को छिपाने या दबाने का कोई प्रयास नहीं किया गया है.’

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