Cyclone Tauktae: चक्रवाती तूफान ‘तौकते’ और मजबूत हो गया है और यह गुजरात तट एवं केंद्र शासित प्रदेश दमन-दीव एवं दादरा-नगर हवेली तट की ओर बढ़ रहा है. आईएमडी ने कहा कि तूफान ‘‘बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान’’ में तब्दील होने की संभावना है. आईएमडी ने कहा कि 17 मई को मुंबई सहित उत्तरी कोंकण में कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलेंगी और भारी बारिश होगी. विभाग ने कहा कि इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 18 मई की दोपहर के आसपास पोरबंदर और नलिया के बीच गुजरात तट को पार करने की संभावना है. ‘तौकते’ तूफान से उत्पन्न किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए अपने 16 मालवाहक विमान और 18 हेलीकॉप्टर प्रायद्वीपीय भारत में तैयार रखे हैं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने अपनी टीमों की संख्या 53 से बढ़ाकर 100 कर दी है। इन टीमों को केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, गोवा, गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में तैनाती के लिए तैयार किया गया है.

कोरोना महामारी के बीच अब अरब सागर में उठ रहे चक्रवात ‘तौकते’ से निपटने की तैयारी चल रही है. तूफान ‘तौकते’ को लेकर महाराष्ट्र-गुजरात से लेकर कर्नाटक-तमिलनाडु में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है.

आईएमडी ने कहा कि 17 मई को मुंबई सहित उत्तरी कोंकण में कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलेंगी और भारी बारिश होगी. वरिष्ठ निदेशक (मौसम) आईएमडी, मुंबई शुभानी भूटे ने कहा कि महाराष्ट्र की राजधानी में रविवार दोपहर से बारिश की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि तूफान फिलहाल गोवा से 250 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में है.

आईएमडी ने ”ऑरेंज अलर्ट” जारी किया है, जिसका मतलब है कि पूरे कोंकण और पश्चिमी महाराष्ट्र के पहाड़ी इलाकों, मुख्य रूप से कोल्हापुर और सतारा में रविवार और सोमवार को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.

दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवात ‘‘तौकते” से निपटने की राज्यों, केंद्रीय मंत्रालयों और एजेंसियों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक की और उनसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा बिजली, दूरसंचार, स्वास्थ्य, पेयजल जैसी जरूरी सेवाओं का प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने चक्रवात से जिन स्थानों के प्रभावित होने की संभावना है वहां के अस्पतालों में कोविड प्रबंधन, टीकाकरण, बिजली की कमी न हो, इसके उपाय और आवश्यक दवाओं के भंडारण के लिए विशेष तैयारियों की आवश्यकता पर बल दिया.

एनडीआरएफ के एक प्रवक्ता ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीमें गुजरात के गिर सोमनाथ, अमरेली, पोरबंदर, द्वारका, जामनगर, राजकोट, कच्छ, मोरबी, सूरत, गांधीनगर, वलसाड, भावनगर, नवसारी, भरूच और जूनागढ़ जिलों में तैनात हैं.

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने बनासकांठा जिले में संवाददाताओं से कहा, ‘‘राज्य सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है और एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात क्षेत्रों में जिला प्रशासनों को सतर्क कर दिया गया है जिनके चक्रवात से प्रभावित होने की संभावना है.एनडीआरएफ की टीमें राज्य में पहुंच रही हैं.”

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुजरात सरकार को जारी एक परामर्श में कहा कि ‘‘बहुत भीषण चक्रवाती तूफान” से फूस के घरों, सड़कों, बिजली और संचार लाइनों को नुकसान होने की संभावना है, खासकर सौराष्ट्र क्षेत्र के जिलों जैसे देवभूमि द्वारका, कच्छ, पोरबंदर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, जामनगर, अमरेली, राजकोट और मोरबी जिलों में.गृह मंत्रालय ने 17 और 18 मई को उत्तर पश्चिमी अरब सागर और गुजरात तट से मछली पकड़ने का कार्य पूरी तरह से स्थगित करने की सलाह दी.

पश्चिम रेलवे ने गुजरात के तटीय इलाके में 17 और 18 मई को आने-जाने वालीं 56 ट्रेनों को रद्द कर दिया है या फिर उन्हें गंतव्य के पहले ही समाप्त करने का फैसला किया है.

महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने तटीय जिलों में अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया. ठाकरे ने आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में कहा कि पालघर, रायगढ़, रत्नागिरि, सिंधुदुर्ग जिलों के कलेक्टरों को सभी आवश्यक सावधानी बरतने को कहा गया है,

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