कोरोना महामारी के बीच वैक्सीन की कमी से जूझ रहे देश के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने बुलंदशहर की भारत इम्यूनोजिकल एंड बायोलॉजिकल लिमिटेड (BIBCOL) को कोरोना वैक्सीन तैयार करने की मंजूरी दे दी है। BIBCOL ने इसके लिए भारत बायोटेक से करार किया है। अक्टूबर से यहां हर महीने कोवैक्सिन (Covaxin) की डेढ़ करोड़ डोज तैयार होने लगेंगी।

सेंट्रल ड्रग कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन ने पूरे देश में तीन कंपनियों को Covaxin के उत्पादन की जिम्मेदारी दी है। जिसमें बुलंदशहर के चोला गांव स्थित BIBCOL एक है। यह भारत सरकार की ही कंपनी है। BIBCOL अभी तक पोलियो की वैक्सीन बनाती रही है। अब यहां कोरोना की कोवैक्सिन भी बनेगी। केंद्र सरकार ने वैक्सीन उत्पादन के लिए 30 करोड़ का बजट भी दिया है।

पोलियो वैक्सीन के कुल उत्पादन में 60% हिस्सा इस कंपनी का
देश में पोलियो की वैक्सीन के कुल उत्पादन में BIBCOL का हिस्सा 60 % है। कंपनी हर साल करीब 150 करोड़ डोज बनाती है। उत्पादन क्षमता को देखते हुए कंपनी को कोवैक्सिन बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। BIBCOL कंपनी अक्टूबर में Covaxin की डोज तैयार करना शुरू करेगी। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और भारत बायोटेक ने मिलकर स्वदेशी कोविड-19 की इस वैक्सीन को बनाया है।

अब बच्चों पर भी जल्द होगा Covaxin का परीक्षण
उधर, यदि सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही कनाडा और अमेरिका के बाद भारत में भी 2 से 18 साल के एज ग्रुप के लिए भी कोरोना की स्वदेशी वैक्सीन तैयार हो जाएगी। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) की सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स कमेटी (SEC) ने मंगलवार को 2 से 18 साल उम्र वालों पर भारत बायोटेक की कोवैक्सिन के सेकेंड और थर्ड ट्रायल की मंजूरी दे दी। यह ट्रायल AIIMS दिल्ली, AIIMS पटना और मेडिट्रिना इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नागपुर में 525 लोगों पर किया जाएगा।

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