2 दिन पूर्व जेल में बंद आसाराम कोरोना संक्रमित हुए तबीयत खराब होने के बाद जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया 2 दिन के उपचार के बाद आज आसाराम को जोधपुर एम्स में शिफ्ट किया गया है अस्पताल प्रशासन ने बताया कि 96% सिचुएशंस है सुप्रीम कोर्ट और जेल अधीक्षक के आदेश के बाद आसाराम को आज एम्स अस्पताल रेफर किया गया जहां पर आसाराम का उपचार किया जाएगा. बता दें इससे पहले फरवरी में भी आसाराम को सीने में दर्द और सांस लेने में परेशानी होने की शिकायत के बाद स्थानीय मथुरादास माथुर अस्पताल (एमडीएम) में भर्ती कराया गया था. 17 फरवरी को आसाराम की जांच करने के बाद डॉक्टरों ने कहा कि उनकी हालत अब स्थिर है. कड़ी सुरक्षा के बीच आसाराम को 16 फरवरी की रात 11 बजे जेल अधिकारियों द्वारा जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया था. वहां उसका ईसीजी और छाती का एक्स-रे किया गया था. ये दोनों रिपोर्ट नार्मल आईं थीं. फिर भी आसाराम ने कहा कि उसे अच्छा महसूस नहीं हो रहा है, लिहाजा उसे आधी रात को करीब 1 बजे एमडीएम अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया था.

गौरतलब है कि उन पर अपने ही गुरुकुल की नाबालिग छात्रा के साथ वर्ष 2013 में यौन शोषण की घटना को अंजाम देने के बाद आसाराम को छिंदवाड़ा आश्रम से पुलिस ने गिरफ्तार किया और उसके बाद जोधपुर लेकर आई आज करीब 7 साल से ज्यादा समय हो चुका हैं आसाराम जोधपुर जेल में बंद है 25 अप्रैल 2018 को आसाराम को जेल की स्पेशल कोर्ट में अंतिम सांस तक जेल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई. गिरफ्तारी के बाद आसाराम पर पोस्को, जुवेनाइनल जस्टिस एक्ट, रेप, आपराधिक षडयंत्र और दूसरे कई मामलों के तहत केस दर्ज किए गए. मामले में सुनवाई चलती रही और साल 2014 में आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका लगाई, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की याचिका को खारिज कर दिया. इसके बाद अप्रैल 2018 में जोधपुर स्पेशल कोर्ट ने आसाराम को एक नाबालिग लड़की के साथ रेप का दोषी पाया. कोर्ट ने आसाराम को पोक्सो कानून के तहत आजीवन कारावास और 1 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई.

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