कोरोना का खौफ इस कदर है कि कोटा में एक संक्रमित दंपति ने ट्रेन से कटकर जान दे दी. दंपति ने यह कदम इसलिए उठाया कि उनके पोते को उनसे संक्रमण फैल न जाए.

कोटा 2 मई । कोटा में कोरोना पॉजिटिव दंपत्ति के आत्महत्या करने का मामला सामने आया है. दोनों ने अपने परिवार के अन्य सदस्यों के कोविड-19 का संक्रमण नहीं हो जाए, इसके चलते आत्महत्या कर ली. बुजुर्ग दंपति ने रेलवे ट्रैक पर जाकर ट्रेन के आगे कूद अपनी जान दे दी. बुजुर्ग दंपत्ति की उम्र 70 से 75 साल के बीच में है.

पहले हो चुकी है बेटे की मौत

जानकारी के अनुसार पुरोहित जी की टापरी में रहने वाले 75 साल के हीरालाल और उनकी पत्नी 70 वर्षीय शांति बाई कोविड-19 पॉजिटिव आए थे. उन्हें घर पर ही क्वॉरेंटाइन किया गया था लेकिन लगातार उन्हें चिंता सता रही थी कि उनके पोते रोहित संक्रमित नहीं हो जाए. इसके चलते वे चिंतित थे. दोनों दंपत्ति ने अपने जवान बेटे को 8 साल पहले खो दिया था और अब वे पोते को नहीं खोना चाहते थे, यह डर उन्हें सता रहा था. इसके चलते उन्होंने परिवार के अन्य जनों को बिना बताए ही रविवार को सुबह कोटा की तरफ से दिल्ली जाने वाले ट्रैक पर जा पहुंचे और चंबल नदी के पहले ही ट्रेन के आगे कूद अपनी जान दे दी.

जीआरपी को घटना का पता भी 9:30 बजे अन्य ट्रेन के ड्राइवर के जरिए चला. जिसके बाद रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस को इस मामले की सूचना दी गई. पुलिस ने मौके पर जाकर शव को अपने कब्जे में लिया. इसके बाद जब पड़ताल की तो सामने आया कि दोनों कोविड-19 से पॉजिटिव थे.

पुलिस उप अधीक्षक द्वितीय भगवंत सिंह हिंगड़ का कहना है कि दंपति घबराए हुए थे कि उनके परिवार के अन्य जनों को कोरोना का संक्रमण नहीं हो जाए. घटना की सूचना पर रेलवे कॉलोनी थाना प्रभारी रमेश कुमार मौके पर पहुंचे थे. अभी दोनों के शव को एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है लेकिन कोविड-19 मरीजों का पोस्टमार्टम नहीं होता है. ऐसे में शव को किस तरह से डिस्पोजल किया जाए इस संबंध में कार्रवाई चल रही है.

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