कोरोना की दूसरी लहर में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत कई जगह ऑक्सीजन की कमी देखी जा रही है। कोविड के मामले तेजी से बढ़ने की वजह से ऑक्सीजन की मांग में भी बढ़ोतरी आई है। ऑक्सीजन की कमी की वजह से दिल्ली में एक बार फिर से कोरोना मरीजों की जान गई है। राजधानी के बत्रा अस्पताल में शनिवार को ऑक्सीजन खत्म होने के चलते आठ कोरोना मरीजों की जान चली गई।

ऑक्सीजन की कमी को लेकर बत्रा अस्पताल ने दिल्ली हाई कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया है। अस्पताल ने कोर्ट में बताया कि एक घंटे से भी ज्यादा समय तक ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं थी, जिसकी वजह से आठ कोरोना मरीजों की मौत हो गई। मरने वालों में डॉक्टर भी शामिल है।

बत्रा अस्पताल ने हाई कोर्ट को बताया, ”हमें ऑक्सीजन समय पर नहीं मिली। दोपहर 12 बजे ऑक्सीजन खत्म हो गई थी। फिर डेढ़ बजे दोबारा ऑक्सीजन की सप्लाई हुई। इस वजह से कुछ लोगों की मौत हो गई, जिसमें हमारे एक डॉक्टर भी शामिल हैं।” इससे पहले अस्पताल ने ऑक्सीजन की सप्लाई पाने के लिए एसओएस मैसेज भी भेजा था। इसमें जानकारी दी गई थी कि अस्पताल में सिर्फ दस मिनट की ही ऑक्सीजन बाकी है। अस्पताल में 326 मरीज भर्ती थे।

बाद में आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता और विधायक राघव राघव चड्ढा ने बताया कि हमारा क्रायोजेनिक टैंकर बत्रा अस्पताल में पांच मिनट के अंदर पहुंच रहा है। बाद में ऑक्सीजन की सप्लाई अस्पताल को कर दी गई, लेकिन इस दौरान आठ मरीजों ने दम तोड़ दिया था।

बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट पिछले कई दिनों से कोरोना और ऑक्सीजन की कमी को लेकर लगातार सुनवाई कर रहा है। पिछले दिनों दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार को कई बार फटकार भी लग चुकी है। हाई कोर्ट में शनिवार को भी सुनवाई जारी है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि अगर आप सेना से अनुरोध करते, तो वे अपने स्तर पर काम करते। उनका अपना बुनियादी ढांचा है। दिल्ली में अधिक बुनियादी ढांचे की स्थापना के लिए सशस्त्र बलों की मदद लेने के सुझावों पर, दिल्ली सरकार के वकील ना कहा कि हम उच्चतम स्तर पर प्रक्रिया में हैं। सरकार इसे देख रही है। हम 15000 और बेड लेकर आ रहे हैं।

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