• कोटा.वर्तमान समय में कोरोना संक्रमण के विकट हालातों को देखते हुए सर्वाधिक मात्रा में आक्सीजन की सप्लाई कोविड चिकित्सालयों को की जा रही है, ऐसे में नॉन कोविड चिकित्सालयों में भर्ती मरीज व शल्य चिकित्सा के मरीजों को आॅक्सीजन की उपलब्धता नहीं होने से गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
  • आईएमए कोटा ने बुधवार को नॉन कोविड अस्पताल व नर्सिंग होम में गंभीर मरीज के उपचार के लिए आॅक्सीजन की आपूर्ति बहाल करने के लिए जिला कलेक्टर कोटा को ज्ञापन दिया। कोटा आईएमए जिला अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने बताया कि वर्तमान में कोरोना का प्रकोप है, ऐसे में अधिकांश आॅक्सीजन की सप्लाई कोविड-19 मरीजों के लिए कोविड अस्पताल में की जा रही है।
  • लेकिन हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज, गुर्दे, पेट की गंभीर बीमारियां, कैंसर, डायबिटीज, गर्भवती महिलाएं सहित नर्सिंग होम व अन्य पीड़ित रोगियों के लिए नियमित रूप से इलाज की आवश्यकता है। ऐसे में इन मरीजों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए नॉन कोविड चिकित्सालयों में आॅक्सीजन की आपूर्ति बहाल किया जाना आवश्यक है, नहीं तो इन मरीजों की जान को खतरा हो सकता है।
  • डॉ. जायसवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से आॅक्सीजन सप्लाई एजेंसिया निजी नॉन कोविड हॉस्पिटल्स को इमरजेंसी रोगियों की सहायता के लिए आॅक्सीजन उपलब्ध नहीं करवा रही है, ऐसे में मरीज गंभीर स्थिति में जा रहे हैं, मरीजों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए नॉन कोविड-19 चिकित्सालय एवं नर्सिंग होम्स में गंभीर रोगियों के इलाज एवं शल्य चिकित्सा के लिए आॅक्सीजन की आपूर्ति किए जाने की बेहद आवश्यकता है। आईएमए सचिव अमित व्यास ने कहा कि आॅक्सीजन की आपूर्ति नहीं होने से नॉन कोविड मरीजों की जान को खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इन गंभीर हालातों में मरीज के उपचार के लिए प्रशासन नियमानुसार आॅक्सीजन की व्यवस्था करें ताकी रोगी की जान बचाई जा सके। इस दौरान जिला कलेक्टर ने उन्हें आश्वस्त किया कि शीघ्र ही गंभीर रोगियों, नर्सिंग होम के लिए आॅक्सीजन सप्लाई सुचारू की जाएगी। इस अवसर पर डॉ. अमरीश पाटौदी, नितिन लश्करी, डॉ अंकुर झंवर, विनीत जैन, जितेंद्र पाराशर, नितिन खंडेलवाल सहित कई चिकित्सक मौजूद रहे।

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