कोरोना महामारी मे इस समय कोविड रोगियों के लिए ऑक्सीजन की उपलब्धता बहुत बड़ा चिंता का विषय हैं। कोविड रोगी के लिए 6 से 12 दिन का समय सबसे ज्यादा क्रिटिकल होता हैं। इस समय शरीर मे ऑक्सीजन का लेबल बने रहना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता हैं। पिछले कुछ दिनों से लगभग हर शहर में ऑक्सीजन की आपूर्ति में भारी कमी हो रही हैं।

आम तौर पर मैं सोशल मीडिया पर विशेष चिकित्सा सलाह देने से बचता हूं, लेकिन ये समय ऐसा है जहां कई लोगों के लिए चिकित्सकीय सलाह लेना भी मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा कई जगह अप्रभावी और अधूरे इलाज भी दिए जा रहे हैं।

ये कुछ उपाय हैं, जो किसी व्यक्ति द्वारा अपनी ऑक्सीजन की जरूरत को पूरा करने के लिए किए जा सकते हैं।

1. मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह आराम करें। न्यूनतम फोन कॉल / कम नेट -सर्फिंग / कम वार्तालाप जरूरी है। इससे शरीर की ऑक्सीजन की मांग कम हो जाएगी।

2. प्रोनिंग करें
पेट के बल उल्टा लेट कर अपनी छाती के नीचे तकिया लगाकर गहरी शांत श्वास लें। आप यह दिन में कई बार जितने ज़्यादा समय के लिए कर सकें, करना है। प्रोनिंग से फेफड़ों के बेस और पीछे के हिस्से में द्रव का संचय कम होता है और यह कोविड से फेफड़ों को नुक़सान को कम करता है। प्रोनिंग से आपका ऑक्सिजन स्तर कुछ डिग्री ऊपर बड़ता है।

3. अत्यधिक एवं तीव्र श्वास व्यायाम से बचें। पूर्ण प्राणायाम, कोविड के पहले और बाद के चरण के लिए है। कोविड चरण के दौरान शांत हल्की श्वास क्रिया पर ध्यान दें। ब्रह्मरी और ओम ॐ का जाप करें, जो नाइट्रिक ऑक्साइड उत्पादन और ब्रोन्कोडायलेटेशन के माध्यम से फेफड़ों की रक्षा करते हैं।

4. एंटीबायोटिक सहित आपके चिकित्सक द्वारा निर्धारित अपना नियमित उपचार जारी रखें। मैं यहाँ खांसी/ साँस की तकलीफ़ के लिए अपना नुस्खा जोड़ रहा हूँ:

टैब सुआलिन 2 टैब 1/2 गिलास गर्म पानी में घोल कर दिन में तीन बार – 5 दिनों के लिए।

टैब Mucinac ६०० १/२ गिलास गर्म पानी में प्रतिदिन – ७ दिनों के लिए

Foracort 400 इनहेलर 2 पफ – दिन में 3 बार – 5-10 दिनों के लिए।

5. कोविड में खून के थक्के बनने से भी फेफड़ो को नुक़सान पहुंचता हैं। इसलिए अपने चिकित्सक से रक्त पतला करने के लिए (रिवरोक्साबैन / ऐपिक्साबैन) दवा को जोड़ने के बारे में पूछ ले। इसको 4-6 सप्ताह तक जारी रखा जा सकता है।

6. आपका चिकित्सक आपको कम मात्रा में स्टेरॉयड टबलेट्स भी दे सकता है।

इन उपायों को आप अपने घर पर अपनाएँ। साथ ही नियमित ऑक्सिजन स्तर की जाँच करें। ६ मिनट वॉक टेस्ट करें। कोई भी गंभीर लक्षण होने पर अस्पताल पहुँचे।

डॉ. साकेत गोयल

वरिष्ठ हृदय रोग चिकित्सक

ध्यानार्थ- ये मेरी व्यक्तिगत राय हैं। आप अपने चिकित्सक की राय और परामर्श को प्राथमिकता देवे।

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