एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देश के कुछ हिस्सों में ट्रिपल म्यूटेंट वैरिएंट पाया गया है, जिसने कोरोना संक्रमण को अचानक से बड़ा दिया है।

नई दिल्ली । भारत में कोरोना संक्रमण का फैलाव थमने का नाम नहीं ले रहा। दिन प्रतिदिन स्थिति बिगड़ती जा रही है। बढ़ते मरीजों के कारण स्वास्थ्य सुविधाओं का भी बुरा हाल है। पिछले 24 घंटे में ढाई लाख से ज्यादा मामले सामने आए हैं। इसी बीच देश में ट्रिपल म्यूटेंट की भी खबर आ रही है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देश के कुछ हिस्सों में ट्रिपल म्यूटेंट वैरिएंट पाया गया है, जिसने कोरोना संक्रमण को अचानक से बडा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रिपल म्यूटेंट की वजह से कोरोना की दूसरी लहर बढ़ती जा रही है और इसका पीक अभी बाकी है।

नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) ने पिछले साल अक्टूबर में एक नए वैरिएंट की जानकारी दी थी। इस वैरिएंट को B.1.617 नाम दिया गया था, जिसमें दो तरह के म्यूटेशंस हैं- E484Q और L452R म्यूटेशन। ये वायरस का वो रूप है, जिसके जीनोम में दो बार परिवर्तन किया जा चुका है ।एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक म्यूटेंनकाफी शक्तिशाली है- जो शरीर में रेस्पिरेटरी सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है। हालांकि इसका अध्ययन तत्काल प्रभाव से होना चाहिए था। लेकिन जीनोम टेस्टिंग की सुस्त रफ्तार की वजह से इस पर तेजी से काम नहीं हो सका। अब खतरा और बढ़ गया जानकारों का मानना है कि यह म्यूटेंट काफी खतरनाक है, इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है।

भारत के लिए तीसरी म्यूटेंट का क्या है मतलब ?
भारत के लिए ट्रिपल म्यूटेंट वैरिएंट काफी खतरनाक है। देश के लिए यह बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। अगर समय रहते इस स्ट्रेन को रोका नहीं गया तो आने वाले दिनों में इसका दुष्परिणाम दिखने लगेगा। इसमें दो स्ट्रेन के नमूने महाराष्ट्र, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में पाए गए हैं। जानकारों का मानना है कि ट्रिपल म्यूटेंट के चलते इन राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञ लगातार इस स्ट्रेन को नियंत्रित करने के लिए काम कर रहे हैं। साभार au

Leave a Reply