कोटा 26 फरवरी। यूआईटी द्वारा शंभूपुरा ग्रोथ सेन्टर एकीकृत योजना के नाम से नये ट्रांसपोर्ट नगर की योजना पर कोटा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कार्यकारिणी की आपातकालीन बैठक एसोसिएशन के अध्यक्ष हरपाल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई।
बैठक में यूआईटी द्वारा शंभूपुरा में नये ट्रांसपोर्ट नगर बसाने की योजना पर स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल का आभार व्यक्त करती है। लेकिन इस योजना पर सवाल खडे करते हुए संरक्षक सुरेश शर्मा ने कहा कि शंभूपुरा में नये ट्रांसपोर्ट नगर बसाने की युआईटी द्वारा ट्रांसपोर्ट कम्पनीज़ एसोसिएशन को माध्यम बनाकर आवेदन पुस्तिका में नाम छपवाकर योजना बनाने पर कोटा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन को कड़़ीआपत्ति है। उन्होंने कहा कि कोटा शहर में वर्तमान समय में तीन एसोसिएशन गठित हैं, जिनमें कोटा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन 2005 से रजिस्टर्ड है, वहीं ट्रांसपोर्ट कंपनीज एसोसिएशन 2006 से रजिस्टर्ड है। ऐसे में यूआईटी द्वारा पुरानी संस्था को दरकिनार कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जिस उद्देश्य से कोटा शहर को प्रदूषण मुक्त करने के लिए यह योजना बनाई गई है, इस तरह से वो प्लानिंग सफल नहीं हो सकेगी, क्योंकि आधे ट्रांसपोर्ट व्यवसायी वर्तमान ट्रांसपोर्ट नगर में ही रह जाएंगे।
एसोसिएशन के अध्यक्ष हरपाल सिंह ने कहा कि यूआईटी पास जिस तरह से योजना की आवेदन पुस्तिका का प्रकाशन किया गया है। उससे एसोसिएशन के सभी सदस्यों में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि आवेदन पुस्तिका में कोटा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सदस्यों को दरकिनार कर केवल एक ही संस्था के सदस्यों को ही पात्र माना गया है, जिससे कि पात्र होते हुए भी वास्तविक ट्रांसपोर्टर योजना से वंचित रह जाएगा।
महासचिव मुरलीधर मालपानी, कोषाध्यक्ष विनोद हुआ ने कहा कि यूआईटी इस आवेदन पुस्तिका को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर नई आवेदन पुस्तिका प्रकाशित करवाए और उस पर किसी भी एसोसिएशन का नाम नहीं छपवाकर केवल ट्रांसपोर्ट व्यवसायी हेतु भूखण्ड अंकित करवाना चाहिए। ताकि किसी भी प्रकार का विवाद नहीं हो और वास्तविक ट्रांसपोर्टर को उसका हक मिल सके।
यदि यूआईटी ने कोटा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की वाजिब मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई तो एसोसिएशन को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पूर्व में भी कोटा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन द्वारा स्वायत्त शासन मंत्री शांति बारीवाल, जिला कलेक्टर उज्जवल राटौड़, यूआईटी के विशेषाधिकारी आर डी मीणा एवं यूआईटी सचिव राजेश जोशी को ज्ञापन के माध्यम से अपनी बात रख दी गई है।
बैठक में मुख्य रूप से रोशन लाल चौधरी, तेजेन्द्र सिंह, विजय कुख्य, प्रचार मंत्री नवीन खत्री, चावला समेत अन्य पदाधिकारी व सदस्य मौजूद थे।

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