मुंबई की एक विशेष अदालत ने आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व प्रमुख चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर एवं अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ट्रायल शुरू करने की अनुमति दे दी है. इसकी शुरुआत अगले हफ्ते से होने की उम्मीद है. यहां जाने पूरा मामला

कोचर पर पद का गलत इस्तेमाल करने का आरोप
मनी लॉन्ड्रिंग कानून की विशेष अदालत ने कहा कि सरकारी वकील सुनील गोन्जाल्विस की दलीलें सुनने और मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत जुटाए पर्याप्त साक्ष्यों, लिखित शिकायतों और बयानों से गुजरने के बाद यह प्रतीत होता हे कि चंदा कोचर ने वी. एन. धूत और वीडियोकॉन समूह की कंपनियों को लोन दिलवाने के लिए अपने पद का गलत इस्तेमाल किया. साथ ही अपने पति और मामले में आरोपी दीपक कोचर के माध्यम से अनुचित लाभ उठाया. दीपक कोचर ने धन की हेरा-फेरी के लिए कई कंपनियों का गठन किया.

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अभिजीत ए. नंदगांवकर ने कहा कि ईडी ने मामले में साक्ष्य जुटाए हैं और उन्हें अदालत के समक्ष पेश किया है. ‘मेरा मानना है कि इतना मटेरियल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के लिए पर्याप्त हैं.’

अदालत ने भेजा समन
अदालत ने अब चन्दा कोचर और अन्य को 12 फरवरी से पहले उसके सामने पेश होने समन भेजा है. इसमें उनके पति दीपक कोचर भी शामिल हैं जो फिलहाल जेल में हैं. अदालत ने वीडियोकॉन के वी.एन. धूत और अन्य सभी को मनी लॉन्ड्रिंग कानून की धारा 3,70 और 4 के तहत यह समन भेजा है.

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