नई दिल्ली| भारत में 16 जनवरी से दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू होने जा रहा है. सरकार पहले चरण में जोखिम वाले क्षेत्र के 30 करोड़ लोगों को टीका लगाने जा रहा है. जोखिल वाले वर्ग में स्वास्थ्यकर्मी, सुरक्षाकर्मी, 50 साल से ऊपर के व्यक्ति और गंभीर बीमारियों के लक्षण वाले 50 वर्ष से कम उम्र के लोग शामिल हैं.

टीकाकरण अभियान की दहलीज पर खड़े भारत की तरफ दुनिया के देश टीके के लिए टकटकी लगाकर देख रहे हैं. दर्जन भर देशों ने भारत सरकार से कोरोना के टीके के लिए अनुरोध किया है.

भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि पहले वह अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के बाद निर्यात के बारे में फैसला करेगा. भारत का कहना है कि उसकी प्रथामिकता में पहले पड़ोसी देश हैं. नई दिल्ली ने संकेत दिया है कि वह पाकिस्तान को छोड़कर आने वाले दिनों में वह अपने सभी पड़ोसी देशों को टीके का निर्यात करेगा. आइए एक नजर डालते हैं उन देशों के बारे में जिन्होंने भारत सरकार से टीके का आग्रह किया है-

नेपाल
काठमांडू ने भारत से कोरोना के 12 मिलियन डोज की आपूर्ति करने का अनुरोध किाय है. समझा जाता है कि नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप ग्यावली के दौरे के समय इस बारे में कोई बयान जारी हो सकता है. ग्यावली ने कहा है कि भारत और नेपाल कोरोना टीके पर एक करार की उम्मीद कर रहे हैं. रिपोर्टों के मुताबिक नेपाल अपनी 20 प्रतिशत आबादी के लिए भारत से टीका खरीदना चाहता है. नेपाल में इस महामारी से 1800 लोगों की मौत हुई है जबकि 260,000 संक्रमित हैं.

भूटान
भूटान ने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका अथवा कोविशील्ड के 10 लाख डोज की मांग की है. पुणे स्थित सीरण इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कोविशील्ड टीके का निर्माण कर रहा है. भारतीय औषधीय नियामक ने सीरम के इस टीके के इस्तेमाल की अनुमति दी है.

म्यांमार
म्यांमार ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से टीका खरीदने के लिए करार किया है. म्यांमार चीन से भी टीका खरीदेगा. इसके अलावा इस देश ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से भी टीके की आपूर्ति का अनुरोध किया है.

बांग्लादेश
बांग्लादेश ने कोविशील्ड के 30 मिलियन डोज का अनुरोध किया है. बांग्लादेश की बेक्सिमको फार्मास्यूटिकल ने कोविशील्ड का 30 मिलियन डोज खरीदने के लिए सीरम के साथ समझौता किया है.

श्रीलंका
श्रीलंका ने भी भारत से टीके की आपूर्ति करने के लिए अनुरोध किया है. श्रीलंका के इस अनुरोध को भारत सरकार ने स्वीकार किया है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राष्ट्रपति गोताबाया राजपक्षे को टीके की आपूर्ति करने का भरोसा दिया है.

मालदीव
मालदीव भी चाहता है कि भारत उसे टीके की आपूर्ति करे. इसके लिए वह भारत सरकार से बातचीत कर रहा है.

अफगानिस्तान
भारत ने अफगानिस्तान को कोरोना टीके की आपूर्ति करने का भरोसा दिया है. दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने हाल ही में कोविड-19 टीके पर बात की है.

केवल पड़ोसी देश ही नहीं बल्कि दुनिया के अन्य देश चाहते हैं कि भारत उन्हें टीके की आपूर्ति करे. भारत सरकार के अधिकारियों का कहना है कि केस टू केस के आधार पर भारत टीके की मांग पूरा करेगा. इसे बहुत कुछ एचसीक्यू की मांग की तरह सुलझाया जाएगा.

सीरम के सीईओ अदार पूनावाला और भआरत बॉयोटेक के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ कृष्ण एला ने गत मंगलवार को संयुक्त बयान जारी कर देश और दुनिया में कोरोना टीके की आपूर्ति का वादा किया

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