झालावाड़/अकलेरा 14 दिसम्बर। उपखण्ड़ अधिकारी अकलेरा पर रिवाल्वर तानने एवं जान से मारने की धमकी देने के मामले पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा को अपर न्यायालय ने दोषी मानते हुए तीन साल की सजा एवं जुर्माने से दण्डित किया है। भारतीय जनता पार्टी के मनोहरथाना से विधायक रहे कंवरलाल मीणा को तत्कालीन उपखण्ड़ अधिकारी अकलेरा रामनिवास मेहता पर रिवाल्वर तानने के मामले में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश असीम कुलश्रेष्ठ ने दोषी मानते हुए पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा को राजकार्य में बाधा डालने के मामले में 2 साल की सजा जुर्माना और जान से मारने की धमकी देने के मामले में 3 साल की सजा सुनाई एवं जुर्माने से दण्डि़त किया है। पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा को चालानी गाडऱ् के माध्यम से जेल भेज दिया है। अपर लोक अभियोजक अकलेरा कालूलाल मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा ने वर्ष 2005 में तत्काकालीन उपखण्ड़ अधिकारी रामनिवास मेहता पर किसी मामले को लेकर हुई तनातनी के बाद रिवाल्वर निकालकर तानकर जान से मारने की धमकी दी थी। जिसके बाद उपखण्ड़ अधिकारी रामनिवास मेहता ने मनोहरथाना पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इस मामले में एसीजेएम कोर्ट मनोहरथाना ने सन्देह का लाभ देते हुए वर्ष 2018 में भाजपा के पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा को बरी कर दिया था। अपर लोक अभियोजक अकलेरा कालूलाल मीणा ने एसीजेएम कोर्ट मनोहरथाना के फैसले को अपर जिला एवं सेशन न्यायालय अकलेरा में चुनौती देते हुए वर्ष 2018 में अपील की थी जहां सुनवाई चली और तत्काकालीन उपखण्ड़ अधिकारी रामनिवास मेहता पर रिवाल्वर निकालकर तानकर जान से मारने की धमकी देेने का दोषी मानते हुए अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश असीम कुलश्रेष्ठ ने भाजपा के पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा को सजा सुनाई है। न्यायालय ने पूर्व विधायक को तो धारा 332 एवं 392 में बरी किया वहीं भादसं. की धारा 353 राजकार्य में बाधा डालने के मामले में 2 साल की सजा और जुर्माना लगाया है। वहीं जान से मारने की धमकी देने के मामले में भादसं. की धारा 506 में 3 साल कैद एवं जुर्माना अदा करने की सुनाई है। भादसं. की धारा 3 पीडीपीपी एक्ट में 3 साल की सजा और जुर्माना लगाया है।

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