लहसुन, सहजन व हल्दी का प्रयोग गठिया के साथ कोरोना से लड़ने में भी सहायक

लखनऊ । सामान्यतया आर्थराइटिस या गठिया रोगियों पर मौसम का ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता, फिर भी सर्दियों में कुछ जीन के सक्रिय होने से दर्द बढ़ जाता है। ऐसे में गठिया रोगियों को इस मौसम में ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। गठिया रोग का मुख्य कारण यूरिक एसिड का बढ़ जाना होता है। आयुर्वेदाचार्यों की मानें तो मेथी, सहजन, लहसुन, अदरक, एलोवेरा, हल्दी फायदे मंद है। ये ऐसे घरेलू उपचार हैं, जो गठिया रोग के निदान के साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर कोरोना से लड़ने में भी सहायक हैं।

बीएचयू के पंचकर्म विभाग के विभागाध्यक्ष आयुर्वेदाचार्य डॉ. जेपी सिंह के मुताबिक इस मौसम में गठिया के रोगियों की संख्या बढ़ गयी है। गठिया रोग का मुख्या वजह यूरिक एसिड का बढ़ जाना है। इससे जोड़ों में दर्द होने लगता है। इसका प्रभाव प्राय घुटनों, नितंबों, उंगलियों तथा रीढ़ की हड्डियों में होता है। उसके बाद यह कलाइयों, कोहनियों, कंधों तथा टखनों के जोड़ों भी दिखाई पड़ता है।

पानी भी है कारगर
उन्होंने बताया कि यूरिक एसिड की मात्रा शरीर में संतुलित करने के लिए पानी भी कारगर है। पानी को गर्म करके पीना चाहिए। पानी पीने से बार-बार पेशाब जाना पड़ सकता है लेकिन इससे मरीज को काफी आराम मिल जाता है।

हर दिन खाली पेट चार लहसुन की खायें कलियां

उन्होंने बताया कि लहसुन का हर दिन खाली पेट सेवन करने से गठिया रोग में काफी आराम मिलता है। इसका हर दिन चार कलियां सुबह खाली पेट लेना चाहिए। लहसुन कोरोना काल में श्वेत रक्त कणिकाओं को बढ़ाकर शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने में भी काफी कारगर है। डॉ. जेपी सिंह ने हिन्दुस्थान समाचार से विशेष वार्ता में बताया कि इसे खाना पसंद न हो तो इसमें सेंधा नमक, जीरा, हींग, पीपल, काली मिर्च और सौंठ सभी की दो – दो ग्राम मात्रा लेकर अच्‍छे से पीस लें। इस पेस्ट को अरंडी के तेल में भूनकर सीसी में भर लेना चाहिए। दर्द होने पर लगा मरीज यदि लगा ले तो इससे भी फायदा मिलता है।

अदरक भी है फायदेमंद
डॉ. जेपी सिंह ने बताया कि अदरक में प्राकृकित रूप से एंटी-इन्फ्लेमेट्री गुण पाए जाते हैं। खाने के साथ रोजना खाने से रक्त संचार बढ़ाता है, इससे दर्द से राहत मिलता है। यह कोरोना काल में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए भी कारगर माना गया है। इसके अलावा अदरक का तेल भी दर्द वाली जगह पर लगाना फायदेमंद होता है।

सरसों का तेल लगाएं जोड़ों पर
डॉ. जेपी सिंह ने कहा कि सूजन और गठिया के दर्द से राहत दिलाने में सरसों का तेल भी फायदेमंद है। सरसों के तेल में लहसुन की कुछ कलियां डालकर उबाल लेना चाहिए। इसके बाद गांठों पर लगाएं तो फायदा मिलता है। उन्होंने कहा कि लहसुन का तेल गर्म करके इसमें प्याज का रस डालें और जोड़ों पर मलें। इसके बाद इसे प्लास्टिक के कवर से ढककर गर्म तौलिया लपेटें। रोजाना सोने से पहले ये उपचार करें, काफी फायदा होगा।

एलोवेरा का जेल लगाएं दर्द वाली जगह पर
उन्होंने कहा कि एलोविरा के पत्‍ते को काटकर उसका जेल दर्द होने वाली जगह पर लगाएं। बाजार में मिलने वाला एलोवेरा जेल भी इस्तेमाल कर सकते हैं, मगर घर पर अगर पेड़ है तो ये काफी फायदेमंद होगा। वहीं हल्दी में भी एंटी- इन्फ्लेमट्री गुण होते हैं। हल्दी शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के लिए काफी कारगर है। सोने से पहले रोजाना हल्दी वाला दूध पिएं, कुछ दिन में आपको सूजन और दर्द में खुद ही फर्क नजर आएगा। हल्दी और अदरक का काढ़ा गठिया के लिए रामबाण माना जाता है । हल्दी और अदरक दोनों में ही एंटी-इन्फ्लेमेट्री गुण होते हैं। इसके लिए दो कप पानी लेकर इसमें आधा चम्मच पिसा अदरक और आधा चम्मच पिसी हल्दी डालकर उबालें। 10 से 15‌ मिनट तक धीमी आंच पर पानी उबलने दें। स्वाद कसैला न लगे इसके लिए इच्छानुसार शहद मिला लें।

सहजन है गठिया के साथ कई रोगों में फायदेमंद
उन्होंने बताया कि इस रोग में सहजन भी रामबाण की तरह का काम करता है। सहजन का सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी विकसित होती है। इसका सेवन करने से शरीर के अधिकांश रोगों में भी फायदा होने के साथ शरीर को हृष्टपुष्ट भी बनाता है। सहजन में अधिकांश तत्व के साथ ही कई विटामिन भी पाये जाते हैं।

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