नई दिल्ली, 12 अक्टूबर । विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने दिल्ली में पिछड़े वर्ग के एक गरीब ड्राइवर के लड़के राहुल कंडेला (19) की एक वर्ग विशेष के लोगों के द्वारा की गई बर्बर हत्या पर चिंता जताई है। विहिप ने पूछा है कि क्या इस युवक की एक दूसरे वर्ग की युवती से दोस्ती होना ही उसका अपराध बन गया था, जिसकी सजा उसकी मॉब लिंचिंग (उन्मादी भीड़ की हिंसा) करके दी गई।
विहिप के केन्द्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेन्द्र जैन ने सोमवार को जारी विज्ञप्ति में कहा है कि संपूर्ण देश के लिए यह बहुत चिंता का विषय है कि जब भी किसी हिंदू लड़के का किसी मुस्लिम लड़की से प्यार हो जाता है तो वह लड़का मृत्युदंड प्राप्त करने का अपराधी बन जाता है, परंतु जब कोई मुस्लिम लड़का किसी हिंदू लड़की से जबरन या धोखा देकर भी संबंध स्थापित करता है तो वह इनके लिए किसी अपराध की श्रेणी में नहीं आता है। हिंदू युवक को अपराधी मानकर उसकी मॉब लिंचिंग कर देना किसी सभ्य समाज का लक्षण नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि भारत में मुस्लिम समाज सबसे अधिक सुखी है। यह बहुसंख्यक हिंदू समाज की सदाशयता और सहिष्णुता के कारण ही संभव हो सकता है। इसके बावजूद यह समझना पड़ेगा कि मुस्लिम समाज का एक बड़ा वर्ग हिंदुओं के प्रति इतनी घृणा क्यों करता है। छोटी-मोटी बातों पर भी वह उसी हिंदू की मॉब लिंचिंग कर देता है। पिछले चार-पांच साल में ऐसी ही मानसिकता के लोगों द्वारा देश में हिंदुओं की माब लिंचिंग की 73 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं। राजधानी दिल्ली में ही पिछले 5 साल में हिंदुओं की 9 से अधिक मॉब लिंचिंग की घटनाएं हो चुकी हैं।

डाॅ. जैन ने कहा कि विहिप का मानना है कि इस कट्टरता व हिंसक घृणा को बढ़ावा देने के लिए कथित सेकुलर बिरादरी भी कम दोषी नहीं है। मुस्लिम समाज के किसी व्यक्ति के साथ हुई कुछ घटनाओं के लिए वे न केवल केंद्र सरकार को अपितु हिंदू समाज व संपूर्ण देश को कटघरे में खड़ा कर देते हैं परंतु राहुल जैसे पचासों युवकों की मॉब लिंचिंग पर उनके मुंह से संवेदना का एक शब्द भी नहीं निकलता। जब आईबी अधिकारी अंकित शर्मा को चाकू से गोद-गोद कर हत्या कर दी थी तब भी इनके मुंह क्यों सिले हुए थे? बलात्कार जैसा घृणित अपराध अक्षम्य हैं परंतु इसमें भी हिंदू मुस्लिम देखने का अपराध यह सेकुलर बिरादरी ही कर सकती है।

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