डायबिटीज की जटिलता से बचने के लिए ब्लड शुगर लेवल की लगातार जांच करना जरूरी है. अगर आप डायबिटीज (Diabetes) के रोगी हैं तो घर पर ब्लड शुगर के लेवल की जांच (Blood Sugar Test) करते समय आपको कुछ गलतियों से बचना चाहिए.

खास बातें

•डायबिटीज रोगियों को नियमित रूप से ब्लड शुगर लेवल की जांच करनी चाहिए.

•लो ग्लाइसेमिक फूड्स डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद होते हैं.

•हेल्दी डाइट और जीवनशैली ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल कर सकती है.

डायबिटीज एक पुरानी स्थिति है जिसमें ब्लड शुगर लेवल को मैनेज (Manage Blood Sugar Level) करने की जरूरत होती है. अनकंट्रोल ब्लड शुगर लेवल शरीर के विभिन्न अंगों को नकारात्मक रूप से प्रभावित करना शुरू कर देता है. अगर आप डायबिटीज रोगी (Diabetes Patient) हैं तो नियमित रूप से ब्लड शुगर लेवल की जांच करना जरूरी है. यह आपकी डाइट और लाइफस्टाइन को समझने में आपकी मदद करता है, जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में सहायक है या नहीं. यह ब्लड शुगर लेवल में बड़े उतार-चढ़ाव से बचने में भी आपकी मदद करता है. इन दिनों घर पर ब्लड शुगर के स्तर की जांच की जा सकती है. ग्लूकोमीटर का उपयोग आमतौर पर ब्लड शुगर लेवल की निरंतर जांच करने के लिए किया जाता है, लेकिन घर पर ब्लड शुगर के स्तर को मापते समय कई बार कई गलतियां हो जाती हैं. डॉ. गिरीश परमार, वरिष्ठ सलाहकार, एंडोक्रिनोलॉजी और डायबिटीज, बताते हैं कि कुछ सामान्य गलतियां है जो आपको सटीक परिणाम पाने में रुकावट पैदा कर सकती हैं.

ब्लड शुगर लेवल की जांच करते समय इन गलतियों से बचें

1) भोजन करने के बाद ब्लड शुगर लेवल की जांच

अगर आप खाने के तुरंत बाद अपना ब्लड शुगर चेक करते हैं, तो आपका ब्लड शुगर हमेशा बढ़ा हुआ आ सकता है. इसलिए कभी भी आपको खाना, नाश्ता या कोई भारी चीज खाने के बाद तुरंत ब्लड शुगर नहीं चेक करना चाहिए. आप हमेशा खाने के 2-3 घंटे बाद ही ब्लड शुगर चेक करें.

Blood Sugar Level Testing: उस समय पर ध्यान दें जब आप अपने रक्त शर्करा की जांच कर रहे हों

2) सुई चुभाने का समय

आपके ब्लड शुगर लेवल की जांच के परिणाम अधिक सटीक पाने के लिए, दिन के समय के दौरान टेस्ट का प्रयास करने के लिए आदर्श है. समय के अनुसार बहुत सारे पर्यावरणीय और शारीरिक कारक बदलते हैं. इसलिए भी शुगर लेवल का पर समय का भी असर होता है.

3) उंगली पर सुई चुभाना

सबसे आम गलती ब्लड शुगर टेस्ट के लिए एक ही उंगली का उपयोग हर दिन, बार-बार होता है. ऐसा करने से आपको दर्द हो सकता है या मामूली चोट भी लग सकती है. इस प्रकार रक्त शर्करा के स्तर के परीक्षण के लिए एक ही उंगली पर बार-बार टेस्ट नहीं करना चाहिए. उंगलियां बदलते रहें.

4) एक सुई का बार-बार इस्तेमाल करना

पांच से छह बार टेस्ट करने के लिए एक ही सुई का उपयोग करने या यहां तक कि लंबी अवधि के लिए इसे बदलने से बचने के लिए एक खतरनाक आदत देखी गई है. लोग अक्सर एक ही सुई का इस्तेमाल करते हैं जो खतरनाक है. यह संक्रमण की संभावना को कई गुना बढ़ा सकता है. उचित सुरक्षा उपायों के साथ चुभन के बाद सुई को फेंकना सही है.

5) सुई की गहराई

टेस्ट के लिए उपयोग किए जाने वाले लांसिंग उपकरण, सुई की गहराई के साथ आते हैं जिन्हें आपकी उंगलियों पर त्वचा की मोटाई के अनुसार बदला जा सकता है. एक सुनिश्चित करें कि उचित चुभन पाने के लिए सुई को 3-4 के बीच निर्धारित जाए. रक्त शर्करा को मापने के दौरान सुई की उचित गहराई चुनें

6) सैनिटाइजेशन

चुभन वाले क्षेत्र को साफ रखें. आप जिस उंगली से टेस्ट करने जा रहे हैं उसे हमेशा साफ करें. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जब आप उंगली को साफ कर लेते हैं तो चुभने की जल्दी नहीं रहती है. चुभन से पहले त्वचा की सतह से वाष्पित होने के लिए स्प्रित का इंतजार करें.

7) शुगर लेवल के बीच वेरिएशन

ब्लड शुगर लेवल के ग्लूकोमीटर और टेस्ट की रीडिंग के बीच एक स्वीकार्य भिन्नता है. इसलिए अगर सभी संभावित मानदंडों का पालन करने के बाद भी अगर रीडिंग में कोई अंतर है तो घबराएं नहीं.

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. हम इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

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