नई दिल्ली, 17 सितम्बर । भाजपा की सहयोगी पार्टी शिरोमणि अकाली दल ने केंद्र सरकार को संकट में डाल दिया है। केंद्र सरकार द्वारा सदन में लाए गए कृषि संबंधी विधेयक का विरोध करने के बाद अब अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के कहने पर केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले सदन में अकाली दल ने विधेयक को किसान विरोधी बताते हुए इसका विरोध किया था।

देर शाम तक हरसिमरत कौर ने खुद ट्वीट कर अपने इस्तीफे की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, ‘मैंने किसान विरोधी अध्यादेशों और कानून के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। किसानों के साथ उनकी बेटी और बहन के रूप में खड़े होने का गर्व है।’
स्वामी की सरकार को सलाह, विधेयक वापस लें और सहयोगियों के साथ चर्चा करें
वहीं, इसे लेकर भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने अपनी सरकार पर ही सवाल खड़े किए हैं। स्वामी ने एक ट्वीट में कहा, ‘लोकसभा में बहुमत होने के बावजूद एक सरकार एनडीए नामक गठबंधन कैसे बना सकती है, लेकिन अपने किसानों से संबंधित मामले पर विधेयक को संसद में पेश करने से पहले अपने सहयोगियों से चर्चा नहीं करती है। विधेयक को वापस लीजिए और फिर एक सर्वसम्मत विधेयक के लिए सहयोगियों के साथ बात करें।’
दरअसल केंद्र सरकार ने जून में कृषि से संबंधित तीन अध्यादेश जारी किए थे, जिसका किसानों ने विरोध किया था। लेकिन अब एक बार फिर से सरकार ने मानसून सत्र के दौरान सदन में इन्हें विधेयक के तौर पर रखा और मंगलवार को इनमें से एक विधेयक को पास करवा दिया। केंद्र सरकार के इन तीन प्रमुख विधेयकों का पंजाब और हरियाणा के किसानों द्वारा जमकर विरोध हो रहा है।

उधर विपक्षी पार्टियों ने भी केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और इसे किसान विरोधी बताकर विरोध कर रहे हैं। राज्य सरकारों ने इसे संघी ढांचे के खिलाफ बताया है और इसे वापस लेने के लिए कहा है।

वहीं एनडीए के पुरानी घटक दल और केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल शिरोमणि अकाली दल ने अपने सदस्यों से सरकार के इन विधेयकों के खिलाफ सदन में वोट करने को कहा है। अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने सदन में इस पर चर्चा में कहा था कि इस कानून को लेकर पंजाब के किसानों, आढ़तियों और व्यापारियों के बीच बहुत शंकाएं हैं। सरकार को इस विधेयक और अध्यादेश को वापस लेना चाहिए।

अकाली दल के अध्यक्ष ने कहा कि आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक सहित तीन विधेयक, अकेले पंजाब में 20 लाख किसानों और 15-20 लाख खेत मजदूरों को प्रभावित करने वाले हैं। बादल ने कहा कि देश के 2.5 प्रतिशत भूस्खलन वाले राज्य देश के लिए लगभग 50 प्रतिशत अनाज का उत्पादन करते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब का मंडी सिस्टम 12,000 गांवों में 1,900 सेटअप के नेटवर्क के साथ दुनिया में सबसे अच्छा है।

केंद्र सरकार संसद के मौजूदा मानसून सत्र में किसानों से संबंधित कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा प्रदान करना) विधेयक, 2020, कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक और आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक, 2020 लेकर आई है। इसमें आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक को मंगलवार को लोकसभा से पारित कर दिया गया।

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