कोरोना मरीजों (Corona patients) जान बचाने में मददगार प्लाज्मा (Plasma) की राजस्थान में काफी कमी है. इसकी वजह है प्लाज्मा डोनर्स की कमी. प्लाज्मा के अभाव में कोरोना पीड़ितों के परिजन इधर-उधर भटक रहे हैं.
जयपुर. प्रदेश में कोरोना (COVID-19) के तेजी से बढ़ते मामलों के कारण पॉजिटिव मरीजों की संख्या एक लाख के पार पहुंच गई है. स्वास्थ्य विभाग की प्रदेश स्तरीय रिपोर्ट को देखें तो सामने आता है कि 12 सितंबर तक महज 11 दिनों में ही प्रदेश में 18 हजार से अधिक पॉजिटिव मामले (Positive cases) सामने आये हैं. हालांकि कोरोना से रिकवर होने वालों की संख्या भी प्रदेश में 80 हजार से ज्यादा पहुंच गई है. लेकिन कोरोना का भय और जागरुकता की कमी के कारण प्लाज्मा डोनेट (Plasma donor) करने वालों की संख्या बहुत सीमित है.

प्लाजमा डोनेट करने वालों की संख्या नहीं बढ़ पा रही है

चिकित्सकों के अनुसार माइल्ड सिम्टम वाले मरीजों के लिए प्लाज्मा काफी उपयोगी है. लेकिन जैसे जैसे मामलों में बढ़ोतरी हो रही है उस लिहाज से प्लाजमा डोनेट करने वालों की संख्या नहीं बढ़ पा रही है. यही कारण है कि अब प्लाज्मा के लिए कोरोना पीड़ितों के परिजनों को दर-दर भटकना पड़ रहा है. एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ.राजेश शर्मा ने बताया कि हालांकि कोरोना से रिकवर हुए पुलिसकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी और बीएसएफ के जवानों के अलावा अन्य लोग भी प्लाज्मा डोनेट कर रहे हैं, लेकिन जिस अनुपात में प्लाज्मा की जरुरत है वो डोनेट नहीं हो रहा है.
चिकित्सकों के अनुसार क्रिटिकल और वेंटीलेटर की स्थिति वाले मरीजों के लिए प्लाज्मा थैरेपी कारगर नहीं हैं. लेकिन शुरुआती स्तर पर ही मरीज को प्लाज्मा मिल जाए तो उसे क्रिटिकल कंडीशन में जाने से बचाया जा सकता है. एसएमएस अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अजित सिंह के अनुसार एसएमएस में 166 में से 164 मरीज प्लाज्मा के चलते ठीक हो गए हैं. चिकित्सकों का मानना है कि डर के कारण लोग आगे नहीं आ पा रहे हैं. लेकिन उनको समझना होगा कि प्लाज्मा देने से किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता है. चिकित्सकों का यह भी कहना है कि कोरोना से ठीक होने वाले लोग महज चार महीने तक ही प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं. प्लाज्मा डोनेट कर वे किसी की जान बचा सकते हैं.
अभी और तेजी से मामले बढ़ सकते हैं
प्रदेश में कोरोना मरीजों की बेतहाशा वृद्धि अब चिंता का कारण बनती जा रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि अभी और तेजी से मामले बढ़ सकते हैं. ऐसे में सरकार और आम लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती है. जरुरत इस बात की है कि कोरोना से डरने की बजाय सावधानी रखी जाए और जो कोरोना से रिकवर हो चुके हैं वे लोग प्लाज्मा डोनेट कर दूसरों की मदद के लिए आगे आएं.

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