कोटा 29 अगस्त । हजरत इमाम हसन-हुसैन सहित करबला के शहीदोंं की याद में मातमी पर्व मोहर्रम तीस अगस्त को घरों में ही मनाया जाएगा। अन्य पर्वों व त्यौहारों की तरह इस पर्व पर भी कोरोना का साया रहेगा। यह मातमी पर्व भी सादगी से घरों में मनाया जाएगा। शहर में किसी तरह का सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं होगा। इस बार वैश्विक महामारी कोरोना के कारण सरकार व प्रशासन की गाइडलाइन पालना में आस्था के प्रतीक ताजिये मुकाम पर खड़े नहीं किए जाएंगे। ढोल और अखाड़ों का प्रदर्शन नहीं होगा। मोहर्रम की पूर्व संध्या पर आज रात को शाम-ए-गरीबां              (कत्ल की रात) पर वैश्विक महामारी कोरोना के कारण अकीदतमंदों की ओर से सेहरा शीरीनी भी नहीं चढ़ाई जा सकेगी।

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