मूंग की दाल को लेकर यह माना जाता है कि ये बीमारों वाली दाल है। लेकिन असल में मूंगदाल कितनी हल्की और पाचन में आसान होती है, इसका अंदाज़ा कम ही लोगों को है। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व भी शरीर के लिए बहुत फ़ायदेमंद होते हैं।

प्रोटीन का अच्छा स्रोत

जो लोग शाकाहारी हैं, उनके लिए मूंग की दाल उत्कृष्ट और संपूर्ण प्रोटीन का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। 100 ग्राम मूंगदाल में क़रीब 24 ग्राम प्रोटीन और 60% अमीनाे एसिड पाया जाता है।

वज़न घटाने में मददगार

मूंगदाल का कोई भी व्यंजन काफ़ी आधारयुक्त होता है, यानी कि खाने में हल्का होने के बावजूद पेट भरा रहता है। इसे फाइबर का भी बहुत अच्छा स्रोत माना जाता है। फाइबर व प्रोटीन दोनों ही वज़न घटाने में मदद करते हैं और क़ब्ज़ की समस्या दूर करते हैं।

पचने में आसान

कुछ दालें, सेम और फलियां कुछ लोगों में गैस और पेट फूलने का कारण बन सकती हैं, लेकिन हरी मूंगदाल पचने में सबसे आसान है। पकाने से पहले इसे पानी में भिगोने से ये अच्छी बनती है और इसे अंकुरित करके भी खाया जा सकता है। मूंगदाल में एंटी-एजिंग प्रॉपर्टीज होती है जो झुर्रियों को कम करने में मददगार हैं।

बीमारियों में फ़ायदेमंद

यह कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोग के जोखिम को कम करती है। मूंग की दाल धमनियों को साफ़ रखने में मदद करती है और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करती है। बुख़ार, पेट दर्द और डायरिया से पीड़ित लोगों के लिए यह काफ़ी फ़ायदेमंद होती है।

इम्युनिटी बूस्टर

यह रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करती है और इंफेक्शंस से भी बचाती है। मूंगदाल में कई तरह के फाइटोन्यूट्रिएंट्स होते हैं जो न केवल एंटी-इंफ्लेमेटरी होते हैं बल्कि एंटी-माइक्रोबियल भी होते हैं। ये हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने में मदद करते हैं।

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