•महामारी के दौरान हर व्यक्ति जिसको बुख़ार/ बदन दर्द और/ अथवा ख़राश हो उसे कोरोना माना जाना चाहिए जब तक की कोई वैकल्पिक निदान ना हो।
•कोरोना टेस्ट केवल ५०% संक्रमित में ही पॉज़िटिव आता है। टेस्ट नेगेटिव आना, कोरोना ना होने का सर्टिफ़िकेट नहीं है।

वैक्सीन – अगले कुछ माह तक सार्वजनिक उपयोग के लिए कोई टीका उपलब्ध नहीं है .. इससे पहले हर्ड इम्यूनिटी आने की सम्भावना है।
दवाएं – कोई सिद्ध एलोपैथिक / आयुर्वेदिक / होम्योपैथिक दवा नहीं है।
…. इसीलिए अपने और परिवार के लिए ये सावधानियाँ बरतें।

:एहतियात:

* मास्किंग और दूरी – अगर संक्रमण होता भी है तो आप की वायरस की संक्रमण तीव्रता कम हो जाएगी।
….. इसलिए कम समय के लिए निकलें और आवश्यक कार्यों को छोड़कर, बाहर निकलने से बचें।
*शारीरिक फिटनेस बनाए रखें और अपनी प्रतिरक्षा पर निर्माण करें
* अपने क्षेत्र में अस्पताल, चिकित्सक, परीक्षण सुविधा की पहचान पहले से कर के रखें।
* पहले संदिग्ध लक्षणों पर अपने आप को परिवार और नौकरी से अलग करें और कोरोना परीक्षण करवाएं।
* घर में दूरी बनाए रखने के नियमों को ध्यान में रखें .. अपने घर में ऐसे कमरे की पहचान करें।
* बुनियादी उपकरण .. थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर, स्टीम इनहेलर… आदि का इंतज़ाम रखें।
* Ivermectin / HCQS +\- कुछ एंटीबायोटिक का उपयोग आपके डॉक्टर द्वारा उपचार के लिए किया जा सकता है। साथ ही विटामिन सी / डी और जिंक की खुराक।
* श्वास व्यायाम / प्राणायाम करते रहें। प्रॉनिंग (पेट के बल लेटते समय गहरी साँस लेना) भी महत्वपूर्ण है।
….. एक सकारात्मक दृष्टिकोण रखें

डॉ. साकेत गोयल की कलम से ✍️😷

Leave a Reply