क्या वायरल : सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि कोरोना संक्रमित मरीजों की सूची शेयर करने वाले लोगों को अब 3 महीने कैद की सजा भुगतनी पड़ सकती है।

दावा है कि केंद्र सरकार ने नई गाइडलाइंस जारी कर सजा का यह प्रावधान किया है। इस दावे को सही साबित करने के लिए एक खबर की कटिंग भी वायरल हो रही है।

वॉट्सएप पर वायरल हो रही कटिंग

फैक्ट चेक पड़ताल

  • इंटरनेट पर हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली जिससे पुष्टि होती हो कि केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमित मरीजों की सूची वायरल करने पर तीन महीने की सजा का प्रावधान किया है।
  • केंद्र सरकार की एजेंसी पीआईबी फैक्ट चेक ने ही ट्वीट करके इस दावे को फेक बताया है।


PIB Fact Check@PIBFactCheck

दावा: एक व्हाट्सएप मैसेज में दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके अनुसार कोरोना संक्रमित रोगियों की सूची वायरल करने पर 3 माह की कैद होगी.

#PIBfactcheck: यह दावा फर्जी है, केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस से जुड़ी ऐसी कोई गाइडलाइंस जारी नहीं की है.

एक व्हाट्सएप मैसेज व न्यूज़ क्लिप पर फेक शब्द की मोहर जिसमें दावा किया जा रहा है की केंद्र सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके अनुसार कोरोना संक्रमित रोगियों की सूची वायरल करने पर 3 माह की कैद होगी.

निष्कर्ष : कोरोना संक्रमित मरीजों की सूची शेयर करने पर तीन महीने की सजा होने का दावा झूठा है।

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