नई दिल्ली: बारिश का कहर अभी और आगे जारी रहने वाला है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि मध्य भारत के हिस्सों में अगले पांच दिन तक भारी बारिश की संभावना है. राष्ट्रीय राजधानी और इसके आसपास के इलाकों समेत देश के कई हिस्सों में बुधवार को भारी बारिश हुई. दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में भारी बारिश के बाद जलजमाव से जनजीवन प्रभावित रहा.
आईएमडी के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि दिल्ली में शाम पांच बजकर 30 मिनट तक मध्यम बारिश हुई और अगले 24 घंटे में और बारिश की संभावना है. बारिश की वजह से दिल्ली, गुड़गांव और नोएडा में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा और कई स्थानों पर यातायात जाम रहा.
आईएमडी के राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र एवं क्षेत्रीय मौसम केंद्र के अनुसार ओडिशा के उत्तरी तटीय इलाके में निम्न दबाव वाले क्षेत्र बने हैं. निम्न दबाव वाले क्षेत्र का निर्माण होना चक्रवात का पहला चरण होता है.
अगले 24 घंटे में इसके पश्चिम की ओर बढ़ने और दबाव वाला क्षेत्र बनने की काफी संभावना है.
बुधवार को हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के हिस्सों में भारी बारिश की वजह से अधिकतम तापमान में कमी दर्ज की गई. हरियाणा के अम्बाला, हिसार, करनाल, पंचकूला, यमुनानगर तथा सोनीपत में भारी बारिश हुई.
मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई और कहीं-कहीं गरज के साथ छींटे भी पड़े.
उत्तराखंड के राज्य आपदा कार्यालय ने देहरादून में बताया कि रात में भारी बारिश की वजह से उत्तराखंड में कई सड़कें बंद हैं. इन सड़कों में केदारनाथ, बद्रीनाथ मंदिर की तरफ जानेवाले मार्ग भी शामिल हैं.
वहीं मौसम विभाग ने बताया कि मध्य महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र में अगले चार से पांच दिन में भारी बारिश की संभावना है. मुंबई और पड़ोसी ठाणे में शुक्रवार और शनिवार को भारी बारिश हो सकती है.
मौसम विभाग ने कहा निम्न दबाव वाले क्षेत्र की वजह से दक्षिणी बंगाल के जिलों में 19 से 25 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना है.
मछुआरों को 19 और 20 अगस्त को समुद्र में नहीं जाने की हिदायत दी गई है.
कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र ने एक बयान में बताया कि कर्नाटक के तटीय और कुछ अंदरूनी इलाकों में अगले 24 घंटे में कई स्थानों पर बारिश और गरज के साथ छीटें पड़ने की संभावना है.