पीएम नरेंद्र मोदी ने ईमानदार टैक्सपेयर्स के सम्मान के लिए ‘पारदर्शी कराधान-ईमानदार का सम्मान’ प्लेटफॉर्म को लॉन्च किया है। ‘Transparent Taxation– Honoring The Honest’ प्लेटफॉर्म की लॉन्चिंग करत हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि इसके जरिए फेसलेस असेसमेंट होगा। इसके अलावा फेसलेस अपनी और टैक्सपेयर्स चार्टर भी तैयार किया जा सकेगा।

पीएम मोदी ने कहा कि फेसलेस असेसमेंट और टैक्सपेयर्स चार्टर की आज से शुरुआत हो रही है। इसके अलावा 25 सितंबर से फेसलेस अपील की सुविधा भी उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि देश का ईमानदार टैक्सपेयर राष्ट्रनिर्माण में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। जब देश के ईमानदार टैक्सपेयर का जीवन आसान बनता है, वो आगे बढ़ता है, तो देश का भी विकास होता है, देश भी आगे बढ़ता है।

PM मोदी ने आगे कहा, ‘देश का ईमानदार करदाता राष्ट्रनिर्माण में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है. जब देश के ईमानदार करदाता का जीवन आसान बनता है, वो आगे बढ़ता है, तो देश का भी विकास होता है. पिछले कुछ साल में करीब 1500 कानून खत्म किए गए हैं. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में भारत 134वें स्थान से 63वें स्थान पर आ गया है. कोरोना के दौरान रिकॉर्ड FDI का आना इसका उदाहरण है.’

पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘आज से शुरू हो रहीं नई व्यवस्थाएं, नई सुविधाएं न्यूनतम सरकार, कारगर शासन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करती है. ये देशवासियों के जीवन में सरकार के दखल को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. कम से कम कानून हो, जो कानून हो वो बहुत स्पष्ट हों तो करदाता भी खुश रहता है. बीते कुछ समय से यही काम किया जा रहा है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘अब टैक्सपेयर को उचित, विनम्र और तर्कसंगत व्यवहार का भरोसा दिया गया है. यानि आयकर विभाग को अब टैक्सपेयर की डिग्निटी का, संवेदनशीलता के साथ ध्यान रखना होगा. अब टैक्सपेयर की बात पर विश्वास करना होगा, डिपार्टमेंट उसको बिना किसी आधार के ही शक की नज़र से नहीं देख सकता. वर्ष 2012-13 में जितने टैक्स रिटर्न्स होते थे, उसमें से 0.94 परसेंट की स्क्रूटनी होती थी. वर्ष 2018-19 में ये आंकड़ा घटकर 0.26 परसेंट पर आ गया है. यानि केस की स्क्रूटनी, करीब-करीब 4 गुना कम हुई है. इसका कम होना बता रहा है कि बदलाव कितना व्यापक है.’

पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘बीते 6 वर्षों में भारत ने टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन में गवर्नेंस का एक नया मॉडल विकसित होते देखा है. अभी तक होता ये है कि जिस शहर में हम रहते हैं, उसी शहर का टैक्स डिपार्टमेंट हमारी टैक्स से जुड़ी सभी बातों को हैंडल करता है. स्क्रूटनी हो, नोटिस हो, सर्वे हो या फिर ज़ब्ती हो, इसमें उसी शहर के इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की, आयकर अधिकारी की मुख्य भूमिका रहती है. टैक्सपेयर्स चार्टर भी देश की विकास यात्रा में बहुत बड़ा कदम है.’

उन्होंने कहा, ‘इन सारे प्रयासों के बीच बीते 6-7 साल में इनकम टैक्स रिटर्न भरने वालों की संख्या में करीब ढाई करोड़ की वृद्धि हुई है, लेकिन ये भी सही है कि 130 करोड़ के देश में ये अभी भी बहुत कम है. इतने बड़े देश में सिर्फ डेढ़ करोड़ साथी ही इनकम टैक्स जमा करते हैं. जो टैक्स देने में सक्षम हैं, लेकिन अभी वो टैक्स नेट में नहीं है, वो स्वप्रेरणा से आगे आएं, ये मेरा आग्रह है और उम्मीद भी. आइए, विश्वास के, अधिकारों के, दायित्वों के, प्लेटफॉर्म की भावना का सम्मान करते हुए, नए भारत, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करें.’

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